राज्य सरकार की 2 साल पूरे होने पर आयोजित ‘शहरी समस्या समाधान शिविर 2025’ जैसलमेर के नागरिकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। नगर परिषद सभागार में आयोजित शिविर में सालों से अपने आशियाने के मालिकाना हक का इंतजार कर रहे परिवारों के चेहरे उस वक्त खिल उठे, जब उन्हें आवासों के पट्टे सौंपे गए। इस मौके पर नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा बोले- हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के फायदा से वंचित न रहे। गौरतलब है कि नगर परिषद द्वारा 16 से 24 दिसम्बर तक नगरपरिषद सभागार में शहरी समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सूरज कंवर को मिला हक, अब बनेगा ‘पक्का घर’ गफूर भट्टा कच्ची बस्ती की निवासी सूरज कंवर (पत्नी दुर्गसिंह) जे-ब्लॉक स्थित अपने भू-खण्ड पर कई सालों से रह रही थीं, लेकिन पट्टा (लीज डीड) न होने के कारण उन्हें न तो बैंक से लोन मिल पा रहा था और न ही वे प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा ले पा रही थीं। पट्टा मिलते ही सूरज कंवर ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा, “यह दिन हमारे परिवार के लिए यादगार है। पट्टा नहीं होने से घर बनाने की राह में बड़ी बाधा थी, जो आज इस शिविर के माध्यम से दूर हो गई है।” कमिश्नर बोले- मौके पर ही हो रहा है समस्याओं का निपटारा नगर परिषद के कमिश्नर लाजपाल सिंह सोढा ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य फाइलों को अटकाने के बजाय जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। उन्होंने शिविर की उपलब्धियों के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि नगर परिषद प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा- शहरी समस्या समाधान शिविर में हमने अब तक 61 कच्ची बस्ती नियमन के पट्टे जारी किए हैं। इसके अलावा 53 मामलों में नाम हस्तांतरण (नाम परिवर्तन) और 10 मामलों में भवन मानचित्र अनुमोदन (मैप अप्रूवल) की कार्रवाई मौके पर ही पूरी की गई है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। शिविर की प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में:


