मध्यप्रदेश गौ सेवक संघ की नरसिंहपुर जिला इकाई ने गुरुवार को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें गौसेवक मैत्री की नियमित नियुक्ति और मासिक मानदेय प्रदान करने की मांग की गई। यह ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संघमित्रा गौतम को दिया गया। संघ ने प्रशासन का ध्यान गौसेवक मैत्री की वर्षों पुरानी समस्याओं की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि गौसेवक मैत्री पिछले 20 से 22 वर्षों से पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। इन सेवाओं में कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं का टीकाकरण, वधियाकरण, प्राथमिक उपचार के साथ-साथ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना शामिल है। ज्ञापन में कहा गया कि गौसेवक मैत्री राज्य के ग्रामीण अंचलों में पशुपालन व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो नियमित नियुक्ति मिली है और न ही कोई निश्चित मासिक मानदेय दिया जा रहा है। इससे उनके आर्थिक हालात पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऑनलाइन कार्यों को गौसेवक मैत्री बंद करेंगे संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश गौसेवक मैत्री संघ के सभी जिलाध्यक्षों के माध्यम से यह निर्णय लिया गया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया, तो 15 दिसंबर (सोमवार) से पशुपालन विभाग द्वारा कराए जाने वाले सभी ऑनलाइन कार्यों को गौसेवक मैत्री बंद कर देंगे। यह कार्य तब तक बंद रहेगा, जब तक सरकार गौसेवक मैत्री के भविष्य को सुरक्षित करते हुए नियमित मासिक मानदेय देने का निर्णय नहीं लेती। ज्ञापन सौंपते समय संघ के पदाधिकारियों ने शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।


