धमतरी में प्रदर्शन के दौरान विधायक-पूर्व विधायक गिरे…VIDEO:नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा कार्यालय का घेराव, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प

नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कार्यकर्ताओं को रोका, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। घेराव करने जा रहे विधायक और पूर्व विधायक सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें हल्की चोटें आई हैं। धमतरी जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लगभग 200 मीटर दूर से रैली निकालकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। भाजपा कार्यालय से करीब 50 मीटर पहले पुलिस ने 12 फीट ऊंचे बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घेराव के दौरान विधायक अम्बिका मरकाम और पूर्व विधायक लेखराम साहू का पैर पोस्टर में फंस जाने से वे सड़क पर गिर पड़े। हालांकि, दोनों को हल्की चोटें आईं। नेशनल हेराल्ड मामले की एफआईआर खारिज जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में दर्ज एफआईआर को अदालत ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं के खिलाफ ईडी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर को अदालत ने क्लीन चिट देते हुए खारिज कर दिया है, जिसे सत्य की जीत बताया जा रहा है। इसी के विरोध में भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया। विधायक बोले- ईडी ने 12 साल तक प्रताड़ित किया विधायक ओंकार साहू ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को 2012 से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी की ओर से लगभग 12 साल तक प्रताड़ित किया गया, लेकिन जब मामला अदालत में पेश हुआ तो उसे खारिज कर दिया गया। साहू ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि भाजपा को आइना दिखाने और यह बताने के लिए कि सत्य की हमेशा जीत होती है, कांग्रेस कमेटी बड़ी संख्या में भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंची थी। क्या है नेशनल हेराल्ड केस ? BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है। ED दोबारा चार्जशीट दाखिल करेगा ED ने इस मामले में दोबारा चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है। ED सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने यह फैसला तकनीकी आधार पर दिया है। उसने मामले के मैरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में नई FIR दर्ज कर ली है, लेकिन ED भी अपनी जांच जारी रखेगा। दिल्ली पुलिस जैसे ही अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी, ED दोबारा चार्जशीट दाखिल करेगा। साल 2022: सोनिया-राहुल से घंटों पूछताछ हुई थी नेशनल हेराल्ड मामले में ED ने साल 2022 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अपने दफ्तर कई बार बुलाकर पूछताछ की है। ED ने 13 जून 2022 से 17 जून 2022 तक राहुल से लगातार 5 दिनों तक, कई चरणों में करीब 50 घंटे पूछताछ की थी। सोनिया गांधी से 21 जुलाई 2022 से पूछताछ शुरू हुई। 3 दिन के दौरा, कई चरणों में 12 घंटे पूछताछ हुई थी। ED ने इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए।

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