प्रॉपर्टी व्यवसायी कैलाश विजयवर्गीय अपहरण मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि आरके विहार कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय कैलाश विजयवर्गीय ने थाने में रिपोर्ट दी थी कि 12 दिसंबर की सुबह करीब 9:30 बजे वह मोटरसाइकिल से मंदिर पूजा-पाठ के लिए गए थे। इसी दौरान एक सफेद स्विफ्ट कार में आए बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। आरोपी उन्हें सुंदरपुरा गांव के पास ले गए, जहां उनके साथ मारपीट कर मोबाइल और नकदी छीन ली गई। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें सुनसान इलाके में एक तिबारे में ले जाकर महिला के साथ जबरन आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो बनवाया और वीडियो वायरल करने व बेटे को जान से मारने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की मांग की। आरोपियों ने 10 दिन का समय देकर उन्हें छोड़ दिया। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू की और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। चारों ओर पुलिस सक्रियता बढ़ने के चलते आरोपी बोपिया स्टैंड के पास कैलाश विजयवर्गीय को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने चार घंटे से भी कम समय में कारोबारी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया था। लगातार दबिश और निगरानी के बाद पुलिस ने विकास उर्फ विक्का (22), संदीप उर्फ घोलाराम (25), कृष्ण गुर्जर (23) और शेरसिंह (23) को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ जारी है और वारदात में प्रयुक्त वाहन सहित अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रेस वार्ता के दौरान एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करते हुए शाबाशी दी।


