लोड के कारण चार गुना ज्यादा बिजली बिल आ रहे:शिवपुरी में राजस्व मामलों में भी सुधार की मांग; किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान संघ शिवपुरी ने गुरुवार को जिले के किसानों की खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष ब्रजेश सिंह धाकड़ ने बताया कि किसानों को बिजली, मंडी और राजस्व से संबंधित कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं हुआ तो किसान और अधिक संकट में आ जाएंगे। धाकड़ ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिना भार जांच किए किसानों के पंपों का लोड बढ़ा दिया गया है। 5 एचपी के पंपों का लोड 7-10 एचपी और 10 एचपी के पंपों का लोड 12, 15 या 20 एचपी तक कर दिया गया है। इससे किसान 10 एचपी तक मिलने वाली सरकारी सब्सिडी से वंचित हो गए हैं और उन्हें बढ़े हुए लोड के कारण चार गुना तक अधिक बिजली बिल आ रहे हैं। संघ ने बढ़े हुए लोड को पूर्ववत करने की मांग की है। मेंटेनेंस के नाम पर परेशान न किया जाए
उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के बिजली पंपों के लिए 10 घंटे का शेड्यूल निर्धारित है, लेकिन उन्हें केवल 6-7 घंटे ही बिजली मिल पाती है। वहीं, मेंटेनेंस के नाम पर 4 घंटे तक बिजली बंद रखी जाती है। संघ की मांग है कि मेंटेनेंस का कार्य हर वर्ष 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच ही पूरा किया जाना चाहिए और उसके बाद मेंटेनेंस के नाम पर किसानों को परेशान न किया जाए। जिलाध्यक्ष ने कृषि उपज मंडियों में तौल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर, मेटाडोर और पिकअप से लाए गए एक ही किसान के उत्पादन की बड़े कांटे पर एक ही बार तौल होनी चाहिए। साथ ही, व्यापारियों के छोटे कांटों का नियमित परीक्षण कराया जाए। संघ ने मंडी से बाहर फड़ लगाकर किसानों की उपज सस्ते दामों पर खरीदने वाले व्यापारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी की। ब्रजेश सिंह धाकड़ ने राजस्व से जुड़े सभी प्रकरणों को समय-सीमा में पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के निराकरण की समय-सीमा एसडीएम और तहसील कार्यालयों में स्पष्ट रूप से चस्पा की जानी चाहिए।

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