खरगोन के नर्मदा क्षेत्र में तेंदुए की लगातार चहलकदमी की घटनाओं के बाद स्टेट टाइगर डॉग स्क्वॉड ने सर्चिंग अभियान चलाया है। इंदौर से आई टीम को बोथू के जंगल में तेंदुए के पगमार्क मिले हैं, जिससे क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। वन विभाग अब वन्य प्राणी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाएगा। इंदौर से पहुंची तीन सदस्यीय डॉग स्क्वॉड टीम ने गुरुवार को स्थानीय वन विभाग के दल के साथ मिलकर बोथू और खल बुजुर्ग गांवों के जंगलों में लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में गहन छानबीन की। टीम ने नर्मदा क्षेत्र के भौगोलिक स्वरूप का भी अध्ययन किया। सर्चिंग के दौरान बोथू के जंगल में तेंदुए के स्पष्ट पगमार्क पाए गए। इन पगमार्कों से बोथू क्षेत्र में तेंदुए की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जिससे ग्रामीणों की आशंकाएं सही साबित हुई हैं। डॉग स्क्वॉड के साथ जंगल की तलाशी ली
टीम लीडर भूषण सावलकर के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड ने सबसे पहले खल बुजुर्ग के जंगल में तलाशी ली। इसके बाद नर्मदा तट से लगे जंगलों और आसपास के खेतों में तेंदुए के संभावित ठिकानों की तलाश की गई। किसानों और ग्रामीणों द्वारा बताए गए स्थानों पर विशेष जांच की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी टीम का सहयोग किया। ग्रामीणों ने बताया कि बोथू क्षेत्र में कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं, जिससे पशुपालकों को काफी नुकसान हुआ है। इन शिकायतों के बाद ही वन विभाग हरकत में आया और सर्चिंग अभियान शुरू किया गया। वन अमले ने बोथू के जंगल में तेंदुए की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य वन्य प्राणी के मूवमेंट पर नजर रखना है। इस अभियान में रेंजर नाहर सिंह भूरिया, तेरसिंह मौर्य, सोहेल खान सहित अन्य वनकर्मी मौजूद रहे। रेंजर नाहर सिंह भूरिया ने जानकारी दी कि नर्मदा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


