बालोतरा जिले के सभी सरकारी स्कूलों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रभात रैली निकाली। इस रैली के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ ने आमजन से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का आग्रह किया। जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम प्रजापत ने बताया कि सुबह आयोजित इस प्रभात रैली में विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां ले रखी थीं। उन्होंने ‘सिंगल यूज प्लास्टिक छोड़ो’, ‘पर्यावरण बचाओ – भविष्य बचाओ’, और ‘प्लास्टिक नहीं, कपड़े का थैला अपनाओ’ जैसे नारों के साथ शहर और गांव के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया। रैली को देखने के लिए मार्गों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और बच्चों के उत्साह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। रैली के दौरान शिक्षकों और छात्रों ने आमजन को सिंगल यूज प्लास्टिक के पर्यावरणीय खतरों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ये न केवल अनावश्यक कचरा फैलाता है, बल्कि नालियों और पानी की निकासी को भी अवरुद्ध कर जलभराव जैसी समस्याएं पैदा करता है। प्लास्टिक कचरा लंबे समय तक नष्ट नहीं होता, जिससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण बढ़ता है। ये पशु-पक्षियों के लिए भी घातक सिद्ध होता है। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे बाजार जाते समय हमेशा कपड़े या जूट का थैला साथ रखें और प्लास्टिक थैलियों का प्रयोग पूरी तरह बंद करें। छात्रों ने ये संदेश भी दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव है और यदि प्रत्येक व्यक्ति सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग कर दे, तो पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। इस जागरूकता अभियान में छात्रों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही। बच्चों ने केवल नारे ही नहीं लगाए, बल्कि रास्ते में लोगों से सीधे संवाद कर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया। शिक्षकों ने बताया कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं और उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनाती हैं।


