क्रिसमस और नववर्ष के आयोजनों को लेकर शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए चंडीगढ़ नगर निगम ने अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को मेयर हरप्रीत कौर बबला के नेतृत्व में शहर के प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंट्स, कैफे, बार और व्यवसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी का व्यापक निरीक्षण किया गया। मेयर की तरफ से समय समय पर इस तरह की जांच करते रहने के अधिकारियों को आदेश भी जारी किए हैं। उनकी तरफ से एलांटे माॅल की जांच के साथ साथ सेक्टर 34,36, 7 और 17 के होटल व रेस्टोरेंट चेक किए गए हैं। फायर उपकरणों से लेकर इमरजेंसी एग्जिट तक की जांच निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रतिष्ठानों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति, फायर अलार्म व डिटेक्शन सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, सुरक्षित प्रवेश-निकास व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। कई जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त, कुछ में गंभीर कमियां निरीक्षण में सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी की व्यवस्थाएं संतोषजनक थीं, लेकिन कुछ स्थानों पर गंभीर खामियां भी पाई गईं। इनमें फायर सेफ्टी उपकरणों का खराब होना, पर्याप्त आपातकालीन निकास का न होना और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी कमियां शामिल हैं। लापरवाह प्रतिष्ठानों को नोटिस, सख्त कार्रवाई की चेतावनी फायर एवं रेस्क्यू सर्विसेज विभाग ने नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय में सुधार न करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेयर बोलीं—जन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र होते हैं, ऐसे में जन सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने फायर विभाग को शहरभर में निरीक्षण अभियान और तेज करने तथा आग सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए। फॉलो-अप निरीक्षण के निर्देश फायर कमेटी के चेयरमैन महेशइंदर सिंह ने कहा कि सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा और सुरक्षा उपकरणों को हर समय कार्यशील रखना अनिवार्य है। वहीं संयुक्त आयुक्त-II डॉ. इंदरजीत ने अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए प्रतिष्ठानों का फॉलो-अप निरीक्षण कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


