मूवी बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में उदयपुर कोर्ट में बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी की नियमित जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने शुक्रवार तक के लिए आदेश को सुरक्षित रखा है। एसीजेएम कोर्ट-4 में आज भी करीब 4 घंटे तक सुनवाई चली। विक्रम भट्ट की तरफ से वकील जयकृष्ण दवे, कमलेश दवे और परिवादी के वकील मंजूर हुसैन ने अपनी-अपनी दलीलें दी। जज ने उनकी दलीलों को सुना और आदेश को सुरक्षित रख लिया। अब शुक्रवार को पता लगेगा कि जमानत याचिका खारिज होती है या फिर जमानत मिलती है। पढ़िए, आखिर क्या है पूरा मामला
राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट से फिल्म बनाने के लिए 42 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया था। धोखाधड़ी का अहसास होने पर 17 नवंबर को विक्रम भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद उदयपुर पुलिस ने भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी व फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से पकड़ा था। वहीं, विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 7 दिसंबर को मुंबई के उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को 9 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, 9 दिसंबर को ही राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर बेंच) में विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी पर रोक की याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई में राजस्थान हाईकोर्ट ने भट्ट दंपती की गिरफ्तारी में जल्दबाजी का रुख अपनाने पर आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। विक्रम भट्ट को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। ये भी पढ़ें… विक्रम भट्ट की जमानत याचिका पर 6 घंटे चली सुनवाई:वकील ने गंभीर बीमारी होने को बताया आधार, जज कल दोबारा सुनेंगे दलीलें मूवी बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में उदयपुर कोर्ट में बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। करीब 6 घंटे तक बुधवार को सुनवाई चली। जज ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनी। सुबह करीब 11:30 बजे सुनवाई शुरू हुई। फिर लंच के बाद वापस सुनवाई शुरू होकर शाम करीब 5:30 बजे तक चली। (पूरी खबर पढ़ें)


