मध्यप्रदेश शासन के मंत्री विजय शाह द्वारा रतलाम में लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर सियासी माहौल गरमा गया है। इस बयान को महिलाओं के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए धार जिला महिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को मंत्री शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महिला कांग्रेस ने रतलाम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री शाह द्वारा की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। ज्ञापन में बताया गया है कि मंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि जो बहनें मुख्यमंत्री का सम्मान नहीं करेंगी, उनकी जांच करवाई जाएगी। महिला कांग्रेस ने इस बयान को आपत्तिजनक और धमकी भरा बताया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धार में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस कार्यालय के सामने मंत्री विजय शाह का पुतला दहन किया। इसके बाद महिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बस स्टैंड पर तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। महिला कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा है कि मंत्री का यह बयान लोकतंत्र विरोधी और महिलाओं के स्वाभिमान के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी महिलाओं को डराने और उन पर दबाव बनाने का प्रयास है, जो संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, स्वतंत्रता और गरिमा के मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश की जागरूक महिलाएं और नागरिक इस तरह की तानाशाही भाषा और मानसिकता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ देना सरकार का कर्तव्य है, न कि इसके बदले महिलाओं को किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान के लिए मजबूर किया जाए। महिला कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की कि महिलाओं के अपमान का वातावरण बनाने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और उनसे मंत्री पद से इस्तीफा लिया जाए। प्रीति माहेश्वरी ने यह भी कहा कि मंत्री शाह को अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।


