नीमच में मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 19 हजार आशा सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती की गई है, लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाई गई है और लाड़ली लक्ष्मी योजना से बेटियों को सशक्त किया जा रहा है। नीमच जिले के संदर्भ में, मंत्री भूरिया ने सुखानंद विकास, छोटी सादड़ी ओवरब्रिज, भाटखेड़ा से डूंगलवाड़ा बायपास और नीमच-कुकड़ेश्वर बायपास की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने फर्नीचर क्लस्टर, पीएम स्वनिधि योजना और जावद-रामपुरा सिंचाई योजना को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। इन सवालों के जवाब नहीं दिए जब पत्रकारों ने जिले की स्थानीय समस्याओं पर सवाल पूछे, तो प्रभारी मंत्री के पास स्पष्ट जवाबों का अभाव दिखा। नीमच की दशकों पुरानी ‘बंगला बगीचा’ समस्या पर उन्होंने केवल इतना कहा कि वे इस मामले को समझकर दिखवाएंगी। इसी तरह, जिला अस्पताल के ‘रेफर सेंटर’ में बदलने और डिलीवरी वार्ड में अवैध वसूली की शिकायतों पर भी मंत्री ने कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी। भादवा माता कॉरिडोर के लिए रुकी हुई राशि, सांदीपनी सीएम राइज स्कूल के निर्माण में देरी और नगर पालिका की जमीनों से जुड़े विवादों पर पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने सिर्फ यही दोहराया कि सरकार विकास कर रही है और वे इन मामलों को दिखवाएंगी। जिले में स्वीकृत दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के निर्माण को लेकर किए गए सवाल का भी जवाब नहीं दिया गया। पूर्व मंत्री ने किया हस्तक्षेप इस दौरान पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने हस्तक्षेप करते हुए जावद क्षेत्र में एआई क्लास के माध्यम से बच्चों को दी जा रही आधुनिक शिक्षा का बचाव किया। पूरी प्रेसवार्ता के दौरान जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर प्रभारी मंत्री का रवैया टालमटोल वाला ही बना रहा।


