खरगोन जिले की महेश्वर जनपद पंचायत सदस्य के चुनाव में प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने गलती से उस वार्ड में उपचुनाव करा दिया, जिसका पद खाली ही नहीं था। वहीं उस सीट पर उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। अब मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं चुनाव को भी रद्द किया गया है। यह है पूरा मामला महेश्वर जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक 7 के सदस्य मोहन मकवाने के निधन के बाद वहां उपचुनाव होना था। लेकिन पंचायत निर्वाचन शाखा के कर्मचारियों ने लापरवाही बरतते हुए वार्ड 7 की जगह वार्ड क्रमांक 9 को रिक्त बताकर आगे रिपोर्ट भेज दी। इसके बाद जिला कार्यालय ने बिना किसी क्रॉस-वेरिफिकेशन के वार्ड 9 के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई। सदस्य ने निर्विरोध जीत का जश्न भी मनाया अधिसूचना के बाद वार्ड 9 से अभय सिंह बारिया ने नामांकन भी दाखिल कर दिया। सीट पर वह अकेले उम्मीदवार थे, इसलिए उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल, जनपद अध्यक्ष अशोक डावर और महादेव पाटीदार सहित कई नेताओं ने जनपद पंचायत पहुंचकर जश्न भी मनाया। गलती सामने आने पर निर्वाचन रद्द किया जांच के दौरान पता चला कि वार्ड 9 का सदस्य पहले से ही कार्यरत था।जांच में सामने आया कि तहसीलदार और रिटर्निंग अधिकारी स्तर पर वार्ड 9 का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया।जल्दबाजी में बिना वर्तमान प्रतिनिधि की जानकारी लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर पूरे निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया गया है। लापरवाही पर दो कर्मचारी निलंबित जिला पंचायत सीईओ आकाश सिंह ने इस घटना को प्रशासनिक चूक बताया। उन्होंने इस मामले में सहायक ग्रेड-3 अजय वर्मा को निलंबित कर जनपद पंचायत बड़वाह से संबद्ध किया गया। साथ ही, प्रभारी खंड पंचायत अधिकारी रामलाल बरसेना को भी निलंबित कर दिया गया। जिला पंचायत सीईओ आकाश सिंह ने बताया- यह गंभीर लापरवाही है। गलत रिपोर्ट के आधार पर वार्ड 9 का चुनाव करा दिया गया था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है। भविष्य में ऐसी त्रुटि न हो, इसके लिए प्रक्रिया को और सख्त किया जा रहा है।


