एजुकेशन रिपोर्टर | रांची झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने 8 से 10 जनवरी तक परख के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया था। तीन दिन के दौरान विशेषज्ञ शिक्षकों को प्रश्न पत्र का ब्लूप्रिंट और डिजाइन करना सिखाया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रश्न पत्रों का मानकीकरण करना था, जिससे शिक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, विश्वसनीयता और गुणवत्ता में सुधार लाई जा सके। परख के रिसोर्स पर्सन ने बताया कि प्रश्न पत्रों का मानकीकरण कई लाभ प्रदान करता है। इनमें निष्पक्षता और समानता, शिक्षा की बेहतर गुणवत्ता, विश्वसनीयता, अंकों में असमानता को कम करना, बेहतर शिक्षण और सीखने की प्रथाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि और डेटा-आधारित निर्णय लेना शामिल हैं। जैक के अध्यक्ष डॉ. एके महतो ने कहा कि प्रश्न पत्रों का मानकीकरण भारत में अधिक न्यायसंगत, विश्वसनीय और प्रभावी शिक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मूल्यांकन के लिए अधिक समग्र और छात्र केंद्रित दृष्टिकोण में बदलाव को बढ़ावा देता है। इसका शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के समग्र विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वर्कशॉप में क्या हुआ: कार्यशाला में प्रश्न पत्र डिजाइन, प्रश्न पत्र का ब्लूप्रिंट तैयार करने, जैक के पुराने प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने और भविष्य के लिए प्रश्न पत्र का डिजाइन तैयार करने पर चर्चा की गई।


