भास्कर न्यूज | अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से 97 एकड़ स्कीम और सी-ब्लॉक रंजीत एवेन्यू के डवलपमेंट को लेकर रिजर्व प्राइस 52.40 करोड़ का टेंडर निकाला था। शर्मा कांट्रेक्टर 1.08% लेस देकर एच-1 बिडर बन गया है। चंडीगढ़ फाइल चेक होने के बाद टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा। दरअसल, 4 कंपनियों ने टेक्निकल बिड फाइनल किया था। इनमें 2 कंपनियों प्राइवेट कंपनी सीगल इंडिया लिमिटेड व गणेश कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की फाइलों में टेक्निकल खामियां बता दी गई जिस कारण फाइनेंशियल इवैल्युएशन नहीं हो सकी। जबकि राजिंदर इंफ्रास्ट्रक्चर ने 0.25% का लेस दिया इसलिए टेंडर अपने नाम नहीं कर पाई। फिलहाल, शर्मा कांट्रैक्टर के नाम टेंडर फाइनल होने के बाद 5 माह में डवलपमेंट से जुड़े काम करवाने होंगे। सीगल इंडिया लिमिटेड और गणेश कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड बड़ी कंपनियों में शुमार हैं। सेंट्रल-स्टेट गवर्नमेंट के टेंडर लेकर काम करवा चुके हैं। लेकिन टेंडर से बाहर होने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, 37 करोड़ के इस टेंडर को करीब 52.40 करोड़ रुपए किया गया तभी से सवाल उठने लगे थे। यदि दो पार्ट में टेंडर निकाला जाता तो ज्यादातर छोटे ठेकेदारों को मौका मिल सकता था। लेकिन एक बार में ही टेंडर निकालने से बड़ी कंपनियां टेक्निकल बिड क्लियर कर पाईं। बता दें कि रणजीत एवेन्यू डवलपमेंट को 3 साल पहले 38 करोड़ का प्रस्ताव पास हुआ था जिसे तत्कालीन चेयरमैन ने कैंसिल कर दिया था। जिसके बाद से यह टेंडर ठंडे बस्ते में चला गया। वहीं इसे सिरे चढ़ाने के लिए राशि बढ़ाकर 53 करोड़ करके टेंडर निकालने की तैयारी अंदरखाते की गई थी।


