भास्कर न्यूज|लुधियाना शहर में जगह-जगह खुदी सड़कें और टूटी सीवरेज के ढक्कन दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। धुंध के कारण कम विजिबिलिटी और सड़कों पर हो रही लापरवाही से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। एनएचएआई और नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। ठंड के मौसम में आमतौर पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ठीक किया जाता है और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार भी सड़क पर हो रही खुदाई और काम अधूरा छोड़ने से हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जालंधर बाईपास, ढंडारी और ट्रांसपोर्टर नगर जैसे प्रमुख इलाकों में सड़क के किनारे खुदाई की गई है, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। धुंध के मौसम में जब विजिबिलिटी कम होती है, तो इन खुदाई वाले स्थानों पर वाहन चालकों को गड्ढे नजर आते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। सड़क पर मौजूद ये गड्ढे अचानक सामने आने से वाहन चालकों के हाथ-पैर फूल जाते हैं, और कई बार तो हादसे भी हो जाते हैं। शहर में सीवरेज के ढक्कन भी टूटे हुए हैं, जिनका सही से मरम्मत नहीं किया गया है। सड़क के बीचोंबीच टूटे हुए ढक्कन वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। विशेषकर धुंध में इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है, और जब वाहनों के पहिए इन पर पड़ते हैं, तो दुर्घटनाएं हो सकती हैं। अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है। दिनभर सड़कों से गुजरने वाले विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को इस पर कोई ठोस कदम उठाने की प्रेरणा नहीं मिल रही। जबकि हर रोज़ हजारों वाहन इन सड़कों से गुजरते हैं, और हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है। धुंध के कारण नहीं दिखे गड्ढे { 9 जनवरी को पलट गई थी कार {8 जनवरी की रात को जालंधर बाईपास पर धंुध के कारण कार चालक को गड्ढे नजर नहीं आए और कार गड्ढे में जाने से पलट गई थी। {4 जनवरी को खन्ना में कार पलटी


