लुधियाना| पब्लिक एक्शन कमेटी ने जंगल को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सिंचाई विभाग और अन्य पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने पेड़ों की अवैध कटाई, अवैध खनन के लिए संबंधित इंजीनियरों और निजी ठेकेदार के खिलाफ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी व जिला वन अधिकारी को शिकायत की है। पीएसी से जुड़े कुलदीप सिंह खैरा और समिता कौर ने बताया कि पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्यों ने दोराहा के पास स्थान का दौरा किया जहां विभिन्न गंभीर उल्लंघन पाए गए। इस संबंध में डीएफओ राजेश गुलाटी को शिकायत की गई। पीएसी और वन विभाग की टीम ने कैनाल बैंक का निरीक्षण कर पाया कि ठेकेदार द्वारा वन क्षेत्र के भीतर स्थित पेड़ों के किनारों से अवैध खनन किया गया है। इससे पेड़ों की जड़ों को नुकसान हुआ है। खुदाई के कारण कई पेड़ एक तरफ झुक गए हैं और उनकी जड़ें भी कट गई हैं। ठेकेदार के कुछ कर्मचारियों ने भी झोपड़ियाँ बना ली हैं और वन क्षेत्र के भीतर नियमित रूप से जंगल की पत्तियां और सूखी लकड़ी जला रहे हैं जिससे वायु प्रदूषण हो रहा है। डॉ. अमनदीप सिंह बैंस, कर्नल जे.एस. गिल और गुरप्रीत सिंह ने बताया कि अवैध खनन, पेड़ों की कटाई और मशीनों की स्थापना से बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय क्षति के साथ-साथ वन्यजीवों को भी खतरा है। भारतीय वन अधिनियम के साथ-साथ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत 5 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की जाती है तो एनजीटी में याचिका दायर की जाएगी।


