क्रिप्टो और फॉरेक्स में निवेश के नाम पर चल रहे एक फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें एक्सपीओ डॉट कॉम नामक फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए लाखों लोगों से हजारों करोड़ रुपये की ठगी की गई। यह नेटवर्क ऊंचे रिटर्न और रेफरल बोनस के लालच पर आधारित था, जिसके मास्टरमाइंड विदेश, खासतौर पर दुबई से ऑपरेट कर रहे थे, जबकि भारत में इसका संचालन जयपुर से किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि सभी मुख्य आरोपियों की लोकेशन दुबई आ रही है। कंपनी भारत में किसी भी प्राधिकरण से पंजीकृत नहीं थी। वेबसाइट खुद को वर्ष 2016 से रूस में संचालित बताती थी, जबकि वास्तविकता में इसका संचालन नवंबर 2022 से जयपुर से शुरू हुआ। इस प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में करीब 3100 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई। नेटवर्क का फैलाव 20 से अधिक राज्यों में था, जिसमें सबसे अधिक निवेश राजस्थान से हुआ। यहां 2.07 लाख लोगों ने पैसा लगाया, जबकि दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में 48.53 हजार निवेशक जुड़े। कुल मिलाकर 3.20 लाख से अधिक लोगों ने लगभग 7,100 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इसमें से 3100 करोड़ रुपए ऑनलाइन निवेश किया है, जबकि 4000 करोड़ इंटरनल डिपॉजिट होने का अनुमान है। हालांकि इंटरनल डिपॉजिट की अभी जांच चल रही है। इस मामले में पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस चार-पांच आरोपियों के दुबई भाग जाने की आशंका जता रही है। ये लोग जगह-जगह सेमिनार आयोजित करते और एजेंट ऊंचे मुनाफे और जल्दी रिटर्न का वादा कर निवेशकों को आकर्षित करते थे। मुख्य आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से सीधे संपर्क कर उनके नाम से आईडी बनाते और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करते थे। प्रिंसिपल सेक्रेटरी, कोऑपरेटिव विभाग को भी रिपोर्ट भेजी इस बड़े साइबर फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुओ मोटो संज्ञान लिया है। भरतपुर पुलिस ने ईडी को पूरे मामले की जानकारी उपलब्ध कराई है। साथ ही प्रिंसिपल सेक्रेटरी, कोऑपरेटिव विभाग को भी रिपोर्ट भेजी गई है ताकि मामले की जांच सीबीआई जैसी बड़ी एजेंसी से कराई जा सके। मुख्य आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए पुलिस ने स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को पत्र लिखा है। जांच अधिकारी आईपीएस पंकज यादव ने बताया कि प्लेटफॉर्म की सबसे पहली आईडी जयपुर निवासी रजत शर्मा के नाम से बनाई गई थी और निवेशकों के पैसे उसके बैंक खाते में जाते थे। अधिकारियों के अनुसार, पांचों मुख्य आरोपी दुबई में हैं। जैसे ही वे भारत लौटेंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


