धार जिले की कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन की अच्छी आवक के बावजूद, भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों को राशि मिलने में देरी से परेशानी बढ़ गई है। जिले के हजारों किसानों को पिछले एक माह से भुगतान नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार, भावांतर योजना की पहली किस्त 24 अक्टूबर से 6 नवंबर तक और दूसरी किस्त 17 नवंबर तक की बिक्री पर दी गई थी। 19 नवंबर के बाद सोयाबीन बेचने वाले किसानों को कोई भुगतान नहीं मिला है। शासन ने 15 दिनों के भीतर राशि जमा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। किसानों की खेती प्रभावित किसानों का कहना है कि भुगतान में देरी के कारण खेती के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। मजदूरों की मजदूरी, निंदाई-गुड़ाई और सिंचाई के बिजली बिल का भुगतान नहीं हो पा रहा है। किसान कमल सिंह परमार ने बताया कि उन्होंने नवंबर माह में सोयाबीन बेचा, लेकिन राशि अभी तक नहीं मिली। प्रशासन ने मंडियों में बैनर लगाकर जानकारी दी मंडी प्रशासन ने मुख्य प्रवेश द्वारों पर बैनर लगाए हैं। इन बैनरों में स्पष्ट किया गया है कि भावांतर योजना का लाभ केवल इस वर्ष की सोयाबीन फसल पर मिलेगा, पिछले वर्ष की फसल पर कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। किसान संगठन ने सरकार से जल्द भुगतान की मांग की भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री अमोल पाटीदार ने कहा कि तीसरी और चौथी किस्त के भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं है। उन्होंने सरकार से किसानों के खातों में जल्द से जल्द राशि जमा कराने की मांग की।


