राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के दो दिवसीय प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन का शुक्रवार को बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर भव्य आगाज हुआ। आजादी के करीब 70 साल बाद बांसवाड़ा में आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक सम्मेलन का उद्घाटन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और पूज्य संत उत्तम स्वामी महाराज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। लियो इंटरनेशनल संस्थान में आयोजित इस सम्मेलन में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। प्रदेशभर से 10 से 12 हजार शिक्षक पहुंचे बांसवाड़ा इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 10 से 12 हजार शिक्षक बांसवाड़ा पहुंचे हैं। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अतिथियों ने शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका, नई शिक्षा नीति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज की नींव होते हैं और उनके सशक्तिकरण से ही राष्ट्र का भविष्य मजबूत बनता है। वागड़ क्षेत्र में दशकों बाद शिक्षक संगठन का इतना बड़ा सम्मेलन आयोजित होना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। दो दिन तक शिक्षा नीति और शिक्षक समस्याओं पर मंथन दो दिवसीय इस वैचारिक कुंभ में शिक्षा नीति, शिक्षकों से जुड़े समसामयिक मुद्दों और शैक्षिक सुधारों पर गहन चर्चा की जा रही है। विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ वक्ता अपने विचार रख रहे हैं, जिनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। दूसरे दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे मुख्य अतिथि सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार, 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सीएम सुरक्षा टीम ने बांसवाड़ा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। कार्यक्रम स्थल के समीप स्थित मैदान में अस्थाई हेलीपैड का निर्माण किया गया है। शनिवार के सत्र में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी सहित सरकार के कई अन्य मंत्रियों के शामिल होने की भी संभावना है।


