राज्य उपभोक्ता आयोग:पहली बार उपभोक्ता आयोगों में अध्यक्ष-सदस्यों के लिए लिखित परीक्षा, प्रश्न कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेंगे ताकि कोई गड़बड़ी न हो

राज्य उपभोक्ता आयोग एवं जिला उपभोक्ता मंचों के अध्यक्ष एवं सदस्यों की भर्ती पहली बार लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए शनिवार को जयपुर में दो केन्द्रों पर परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा दो पारियों में होगी। पूर्व में कई भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बडिय़ों और पेपर लीक से सबक लेते हुए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। परीक्षार्थियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर ही प्रश्न दिखेंगे। परीक्षा के केंद्र सिर्फ जयपुर में ही बनाए गए हैं। प्रवेश पत्र विभाग की वेबसाइट एवं खाद्य विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है। जिलों में उपभोक्ता मंचों में रिक्त अध्यक्ष एवं सदस्यों के लिए पहली बार लिखित परीक्षा हो रही है । कई जिलों में अध्यक्ष सहित दो सदस्यों के लिए लोग परीक्षा देंगे। उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत उपभोक्ता आयोग एवं मंचों के सदस्यों के लिए लिखित परीक्षा हो रही है। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में सामान्य ज्ञान, सामयिक मामले, संविधान के साथ उपभोक्ता संबंधी विधियों का ज्ञान तथा वर्णनात्मक प्रश्नों में व्यापार, वाणिज्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक मामलों से संबंधित प्रश्न होंगे। आदेशों के विश्लेषण और तर्क पूर्ण प्रारूपण का परीक्षण होगा। और ऑफलाइन तरीके से होगी। कई जिलों में मार्च तक पद खाली होंगे बारां, भरतपुर, चूरू, दौसा, धौलपुर, जयपुर, जोधपुर सेकंड, राजसमंद, सीकर, टोंक, उदयपुर में उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष के पद खाली हैं। मार्च तक बूंदी, अजमेर, बाड़मेर, चितौड़गढ़, डूंगरपुर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर प्रथम, करौली, पाली में पद खाली होंगे। जिला आयोग में सदस्यों के 25 पद खाली हैं। इनमें भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, धौलपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिले शामिल है। मार्च तक 34 पद और खाली हो जाएंगे। इसी तरह राज्य आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के कुल 7 पद हैं। नियमों का ज्ञान जरूरी, चार साल तक निलंबित करवानी पड़ेगी अपनी सनद किसी उच्च पेशे से जुड़े आवेदक अगर इन पदों के लिए चयनित होंगे तो उन्हें अपनी सनद चार साल के कार्यकाल में निलंबित करवानी पड़ेगी। वहीं, परीक्षा में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, विधिक माप विज्ञान अधिनियम, भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, प्रतिस्पर्धा अधिनियम, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, बीमा अधिनियम सहित उपभोक्ताओं से जुड़े अन्य हित संबंधी कानूनों के बारे में प्रश्न पूछे जाएंगे। 100-100 अंकों के दो प्रश्न पत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की अवधि 120 मिनट तथा वर्णनात्मक प्रश्नों की अवधि 180 मिनट होंगी। वस्तुनिष्ठ परीक्षा ऑनलाइन होगी तथा वर्णनात्मक परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से होगी। गड़बड़ रोकने के लिए प्रश्न सीधे कंप्यूटर स्क्रीन पर दर्शाए जाएंगे।

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