उदयपुर में सीएमएचओ-प्रथम पद फिर विवादों में घिर गया है। इस पद से हटाए जाने के 3 दिन बाद डॉ. शंकर लाल बामणिया स्टे लेने हाईकोर्ट पहुंच गए। उधर, बामणिया के हाईकोर्ट पहुंचने के बीच चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रकाश चंद्र शर्मा का आदेश भी चर्चा में रहा। उन्होंने 8 जनवरी को एक आदेश निकाला और बामणिया का काम संतोषजनक बताते हुए विभागीय जांच प्रस्तावित या बकाया नहीं होने संबंधी क्लीनचिट दी। इसके 19 घंटे बाद 9 जनवरी को इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए रद्द कर दिया। क्लीनचिट पर सवाल उठाते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के अतिरिक्त निदेशक (राजपत्रित) ने उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। कोर्ट में बामणिया ने सात जनवरी को जारी संयुक्त शासन सचिव निशा मीना के आदेश पर स्टे मांगा है। इस आदेश के तहत उन्हें इस पद से हटाकर प्रतापगढ़ के जिला चिकित्सालय में उप नियंत्रक पद पर लगा दिया गया था। हाइकोर्ट ने सुनवाई के लिए 13 जनवरी का दिन तय किया है। उनके ट्रांसफर के बाद एसीएमएचओ डॉ. रागिनी को इस पद का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया था। बामणिया पहले भी इस पद के लिए स्टे ला चुके हैं। सरकार ने गत वर्ष मार्च में उनकी जगह आरसीएचओ अशोक आदित्य को सीएमएचओ बनाया था। एक हफ्ते में बामणिया स्टे ले आए। फिर 5 माह तक दोनों सीएमएचओ पद पर रहे। अगस्त में सरकार ने आदित्य को फिर से आरसीएचओ बनाया। इसके बाद से बामणिया सीएमएचओ रहे। जेडी को नोटिस- बामणिया को कैसे दे दी क्लीनचिट, 3 दिन में जवाब दें जेडी प्रकाश चंद्र के आदेशों पर सवाल उठाते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के अतिरिक्त निदेशक (राजपत्रित) ने 9 जनवरी को पत्र लिखकर जेडी प्रकाश चंद्र से स्पष्टीकरण मांगा। इसमें लिखा कि बामणिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव निदेशालय में प्रेषित हैं। इसके बावजूद आपने पद का दुरुपयोग करते हुए बामणिया को क्लीन चीट दे दी है। मामले में तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा। नहीं देने पर कार्रवाई की बात कही। जेडी जान गए- नोटिस मिलेगा, पलटा आदेश, लिखा- बामणिया पर जांच जारी संयुक्त निदेशक प्रकाश चंद्र शर्मा ने गत 5 दिसंबर को जारी आदेश में कहा था कि 2017-18 से 31 मार्च 2024 के बीच बामणिया की सेवाएं संतोषप्रद रही हैं। इस साल 8 जनवरी को दोपहर 3:30 बजे फिर लेटर निकाला और लिखा कि बामणिया पर कोई विभागीय जांच बकाया या प्रस्तावित नहीं है। इस बीच संभवत: उन्हें नोटिस मिलने का आभास हो गया। इसके 19 घंटे बाद 9 जनवरी को सुबह 10:30 बजे फिर आदेश निकाला और कहा कि बामणिया के खिलाफ कार्यालय स्तर पर एक जांच प्रस्तावित है।


