देश में आज बीपी, शुगर के बाद अगर तीसरी सबसे ज्यादा क्रोनिक बीमारी बढ़ रही है तो वह है हार्ट से जुड़ी। भारत में राजस्थान और गुजरात को इस बीमारी की राजधानी कहे तो कोई बड़ी बात नहीं। क्योंकि देश में सबसे ज्यादा हार्ट के मरीज इन्हीं दो राज्यों में मिलते है। ये बात जाने-माने सीनियर कार्डियॉलोजिस्ट डॉक्टर नरेश त्रेहन ने आज जयपुर में अपने दौरे के दौरान मीडिया से मुलाकात करते हुए कही। जयपुर के पिंकसिटी प्रेस क्लब में जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (JTOA) की तरफ से डॉ. त्रेहन का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इसमें कार्यक्रम के संयोजक राजीव त्रेहन, जेटीओए अध्यक्ष सतीश जैन, विधायक प्रशांत शर्मा, फोर्टी के सुरजाराम मील समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर त्रेहन ने कहा- राजस्थान और गुजरात में हार्ट के मरीज के सबसे अधिक होने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां का खान-पान है। यहां लोग अपने खाने में कुकिंग ऑयल (रिफाइंड, घी इत्यादि) का उपयोग कुछ ज्यादा ही करते है, जो आज के समय में हार्ट की आर्टरी को ब्लॉक करने में सबसे प्रमुख कारण बन रहा। उन्होंने कहा यहां आज हर व्यक्ति की जांच करवाई जाए तो उनमें से ज्यादातर में ब्लॉकेज की समस्या डिटेक्ट होगी। उन्होंने लोगों से अपील की, कि जीवन से तनाव को कम करके सात्विक जीवन जीने पर जोर दे। ये तीन टिप्स दिए डॉ. त्रेहन ने जयपुर से बताया पुराना नाता
राजस्थान से अपने जुड़ाव को याद करते हुए डॉ. त्रेहन ने बताया कि अमेरिका से लौटने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के आग्रह पर उन्होंने एसएमएस अस्पताल में हृदय रोगों के उपचार की नींव रखने में मदद की थी। उन्होंने अपनी मशीनें भी एसएमएस अस्पताल को भेंट कर दी थीं, ताकि प्रदेश की जनता को बेहतर इलाज मिल सके।


