राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट में सरकार ने 10,640 कंपनियों के साथ 35 लाख करोड़ निवेश के एमओयू किए हैं। खास यह है कि इनमें 26 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव तो सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र के हैं। ऐसे में माना जा रहा है आने वाले वर्षों में राजस्थान देश का रिन्यूएबल एनर्जी का हब बनेगा। हालांकि, यही वह क्षेत्र है, जिसमें अन्य उद्योगों की तुलना में रोजगार के अवसर सबसे कम (करीब 20 फीसदी ही) होते हैं। अन्य उद्योगों के 9 लाख करोड़ के एमओयू हुए हैं। ऊर्जा के बाद सबसे ज्यादा 3.28 लाख करोड़ के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र उद्योगों के हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा सेक्टर पर्यटन निवेश पाने में 5वें स्थान पर रहा। इसके लिए सिर्फ 73,813 करोड़ के निवेश प्रस्ताव ही आए। शिक्षा एवं स्वास्थ्य को भी मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा से जुड़ी 569 संस्थाओं ने 48576.95 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। ये निवेश स्कूल, कॉलेज व कोचिंग क्षेत्र में होगा। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी संख्या में अस्पताल व उससे जुड़े इंस्टीट्यूशंस जल्द राज्य में आने वाले हैं। इसमें 389 निवेशकों ने 37003.16 करोड़ के एमओयू किए हैं। कृषि क्षेत्र में 55 हजार करोड़ निवेश के एमओयू


