स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा एक दिवसीय दौरे पर झालावाड़ पहुंचे। यहां उन्होंने नगर परिषद में जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी कि आमजन के वाजिब काम समय पर होने चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोपहर बाद मंत्री ने नगर परिषद में आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने आमजन की शिकायतें सुनने के बाद अधिकारियों को झालावाड़ नगर परिषद क्षेत्र की कच्ची बस्तियों के नियमन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर परिषद की भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों को हटाने और नगर परिषद को अन्य जगह स्थानांतरित करने के प्रस्ताव भेजने को कहा। मंत्री खर्रा ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने जल स्रोतों पर हो रहे अतिक्रमणों को चिह्नित कर जांच के बाद कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। शहर में पैच वर्क की गुणवत्ता की जांच पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से कराने को कहा गया। शिविर के दौरान आमजन को समय पर पट्टे मिलें, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके। शिविर में 6 कृषि भूमि पट्टे, राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 69ए के तहत 8 पट्टे, लीज होल्ड से फी होल्ड के 6 पट्टे और राजस्थान स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत 12 पट्टे जारी किए गए। इसके अतिरिक्त 4 भवन निर्माण स्वीकृतियां, 12 लीज हस्तांतरण प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 12 लाभार्थियों को ऋण वितरण की स्वीकृति आदेश और प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 2 लाभार्थियों को 50 हजार रुपए की प्रथम किश्त के चेक प्रदान किए गए। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत घरेलू शौचालय निर्माण के लिए 11 लाभार्थियों को प्रथम व द्वितीय किश्त का भुगतान कर मंत्री द्वारा पत्र वितरित कराए गए। इस अवसर पर आयुक्त नरेंद्र कुमार मीणा और अधिशासी अभियंता मनीष सिंह ने शिविर के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं और राजकीय भूमि नियमन (अतिक्रमण नियमन) के तहत पट्टों के संबंध में मंत्री को अवगत कराया। इसमें मंत्री ने नगरपरिषद स्तर पर सर्वे कराने, वर्तमान नगर नियोजन के मापदंडों के अनुसार नजरी नक्शा तैयार कर प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाए जाने के निर्देश दिए। स्थायी आयुक्त की मांग को लेकर मंत्री से मिले झालावाड़ नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त प्रशासनिक अव्यवस्था, भ्रष्टाचार एवं मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर नगर परिषद के कांग्रेसी पार्षदों ने नेता प्रतिपक्ष शुभेन्द्र सिंह हाड़ा के नेतृत्व में एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पार्षदों ने कहा कि नगरपरिषद में स्थायी नेतृत्व एवं कर्मचारियों की भारी कमी के कारण आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद क्षेत्र में हाल ही में बनी सड़कें कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे जलभराव एवं गंदगी के कारण नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।इसके साथ ही वर्ष 2023 से लंबित पट्टा प्रकरणों में अनियमितताएं, अवैध वसूली तथा दलालों के बढ़ते दबदबे को लेकर भी पार्षदों ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की। पार्षदों का कहना है कि जानबूझकर फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, इससे आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।


