भोपाल के बैरसिया सिविल अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोनोग्राफी सेवा शुरू हो गई है। जिससे क्षेत्र की महिलाओं, खासकर गर्भवती माताओं को बड़ी राहत मिली है। अब तक सोनोग्राफी सुविधा नहीं होने के कारण महिलाओं को गांधी मेडिकल कॉलेज या निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय, पैसा और जोखिम तीनों बढ़ जाते थे। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा पटेरिया की नियुक्ति के साथ ही सोनोग्राफी जांच की अनुमति भी जारी कर दी गई है। इसके बाद अस्पताल में नियमित रूप से सोनोग्राफी जांच शुरू कर दी गई है। इस सुविधा से न सिर्फ गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं की समय रहते पहचान संभव होगी, बल्कि स्त्री रोगों की सटीक जांच और इलाज भी स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा। बैरसिया विकासखंड में हर साल हजारों गर्भवती महिलाएं पंजीकृत होती हैं, ऐसे में यह सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। लंबे समय से महसूस की जा रही थी जरूरत
बैरसिया सिविल अस्पताल में पिछले कुछ समय से सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच के लिए दूर-दराज जाना पड़ता था। कई मामलों में जांच में देरी होने से जोखिम भी बढ़ जाता था। अब अस्पताल में ही सोनोग्राफी सुविधा मिलने से यह समस्या दूर हो गई है। बैरसिया विकासखंड में हर साल करीब 6 हजार गर्भवती महिलाओं का पंजीयन होता है। इनमें से लगभग 50% महिलाओं का प्रसव सिविल अस्पताल बैरसिया में होता है। सोनोग्राफी शुरू होने से गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, उसकी वृद्धि और संभावित जटिलताओं का समय पर पता लगाया जा सकेगा। सोनोग्राफी जांच है जरूरी जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग की पहल बैरसिया विधायक विष्णु खत्री द्वारा अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा शुरू करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि बैरसिया विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है और सोनोग्राफी सुविधा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनोग्राफी सेवा शुरू होने से अब महिलाओं को समय पर जांच, सही परामर्श और सुरक्षित उपचार मिल सकेगा। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा भी मजबूत होगा।


