भास्कर न्यूज | सूरजपुर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की संभागीय बैठक जिला चिकित्सालय सूरजपुर के सभागार में संपन्न हुई। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 29, 30 और 31 दिसंबर 2025 को तीन दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल का शंखनाद किया गया है। बैठक में कर्मचारी नेताओं ने विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान किए गए वादों, जिन्हें “मोदी की गारंटी’ के रूप में प्रचारित किया गया था, के अब तक पूरा न होने पर आक्रोश व्यक्त किया। फेडरेशन का कहना है कि 11 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार का रवैया उदासीन बना हुआ है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। बैठक में केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) और एरियर्स का भुगतान, प्रदेश के कर्मचारियों के लिए चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करना, लिपिकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करना, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और अर्जित अवकाश के नगदीकरण की सीमा 300 दिन करना सहित अन्य मांगों पर चर्चा की गई। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने आह्वान किया कि यह लड़ाई कर्मचारियों के अस्तित्व और अधिकारों की है। बैठक में उपस्थित विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों, जिनमें लिपिक संघ के संजय सिंह, रोहित तिवारी और स्वास्थ्य संघ के पंकज पांडेय शामिल थे, ने एकमत होकर तीन दिवसीय हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इन तीन दिनों में भी सरकार नहीं जागी, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। बैठक में डॉ. आरएस सिंह, प्रतिमा सिंह, मनोज कुमार साहू, संतोष वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।


