बांसवाड़ा| गोविंद गुरु जनजातीय िवश्वविद्यालय में अकादमिक विभाग की ओर से अंतर विभागीय साहित्यिक सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हुई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ स्थानीय जनजातीय कला, संस्कृति एवं अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन देना रहा। कार्यक्रम में मांडवा, आशुभाषण, वाद-विवाद और मेहंदी प्रतियोगिता हुई। मांडवा प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने जनजातीय जीवन-शैली, लोक परंपराओं, प्रकृति-सहजीवन और सांस्कृतिक विरासत को रंगों व आकृतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में दीया पारीखी और प्रियांशी त्रिवेदी ने संयुक्त रूप से प्रथम, पायल सेन व काली डामोर द्वितीय, सलोनी टेलर व ख्याति को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। आशुभाषण में सलोनी टेलर ने प्रथम, अनिल भाई ने द्वितीय व पायल ने तृतीय, वाद-विवाद प्रतियोगिता (10 मिनट प्रति प्रतिभागी) में पायल शर्मा ने प्रथम, राहुल यादव द्वितीय और सलोनी टेलर तृतीय रहीं। मेहंदी प्रतियोगिता में चेतना डिंडोर ने प्रथम स्थान, गायत्री कटारा ने द्वितीय और आशा यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के निर्णायक पंकज और मीरा रहे। अकादमिक प्रभारी प्रो. शफकत राणा ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व-विकास, नेतृत्व-क्षमता, आत्मविश्वास एवं सृजनात्मक सोच को सुदृढ़ करते हैं।


