भास्कर न्यूज | जालंधर निजात्म नगर स्थित श्री आदित्य स्वरूप आश्रम में भक्तों ने श्रीमद्भागवत कथा करवाई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्वानों ने विधिवत पूजन कर की। पूजन के बाद भक्तों ने प्रभु की प्रतिमा के समक्ष माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन होते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आचार्य सतीश महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि यह पावन ग्रंथ मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने भक्त प्रह्लाद, ध्रुव तथा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और संकीर्तन ने भक्तिमय वातावरण को और अधिक सरस बना दिया। कथा स्थल पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की विशेष उपस्थिति देखने को मिली। प्रतिदिन कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ किया जा रहा है। यहां सार अनुभूतिनंद, सार सुर्तशब्दानंद, सार शब्द कृपानंद, ध्यान संतोषानन्द, आत्म शरणानंद, शब्द दर्शानंद, सार विज्ञानान्द, ब्रह्म ध्यानंद, शब्द रत्नानंद, सार ध्यानानंद, पूर्ण ध्यानानंद, डॉ. आशीष कपूर, हाकिम तिलक राज कपूर, डॉ. नवनीत कपूर आदि मौजूद रहे।


