जाली नोट छापकर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करने वाले मास्टरमाइंड गौरव पुंडीर को पुलिस शुक्रवार को जयपुर लेकर पहुंची। जांच में सामने आया कि गौरव नोट छापने का काम दिल्ली के तीन दोस्तों के साथ मिलकर कर रहा था। पुलिस ने तीनों की पहचान कर ली और पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। गौरव राजस्थान में 20 लाख, श्रीनगर में 3 और चंडीगढ़ में 6 लाख रुपए के जाली नोट सप्लाई कर चुका है। जयपुर पुलिस की सूचना के बाद पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ में कार्रवाई कर 4 लाख रुपए के जाली नोटों के साथ एक बदमाश को पकड़ लिया। गौरव ने श्रीनगर में मोहम्मद अकील नाम के तस्कर को जाली 3 लाख रुपए दिए थे। इस संबंध में श्रीनगर पुलिस को भी सूचना दी गई है। स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि 12वीं पास गौरव ही पूरा नेटवर्क संभाल रहा था। उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर जाली नोट छापने का तरीका सीखा। इसके बाद दिल्ली के तीन दोस्त साहिल, अनुज व सत्यम प्रजापत को शामिल कर लिया। इनमें अनुज बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। जो पीवीसी इंक बनाकर वॉटरमार्क तैयार करता था। इसके बाद पाउडर को कोटेड फाइल पर प्रिंट करते। साहिल और सत्यम टेक्नीकल जिम्मेदारी संभालते थे। जो नोट को स्कैन करने के बाद एक एप के जरिए कलर मैच कर नोट छापते। जाली नोटों की सप्लाई की जिम्मेदारी सरगना खुद संभालता था। नोट छापने में मदद करने वाले तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने एक दिन पहले गौरव के सहारनपुर स्थित घर से नोट छापने वाले कागज के पैकेट, छापे गए नोटों की पेपर शीट, लेपटॉप, कलर प्रिंटर, वॉटरमार्क सहित कई उपकरण और जाली 6.51 लाख रुपए बरामद किए थे। आरोपी गौरव 4 माह से जाली नोट छाप रहा था। राजस्थान में अब तक 20 लाख, पंजाब में 6 लाख और कश्मीर में 3 लाख रुपए सप्लाई कर चुका। आरोपी ने बताया कि 1 लाख के बदले 3 लाख रुपए मिलेंगे। जितने चाहे ले सकते है। गौरतलब है कि सीएसटी ने 5 दिन पहले चित्रकूट से 2.90 लाख के जाली नोटों के साथ झालावाड़ निवासी गोविंद चौधरी व चित्रकूट निवासी देवेश फांडा को पकड़ा था। इनसे हुई पूछताछ के बाद सहारनपुर में दबिश देकर गौरव को पकड़ा। नागौर पुलिस ने भी 1 लाख के जाली नोटों के साथ 3 आरोपियों को पकड़ा था।


