डेंटल स्नातकों को राज्यपाल ने दी सीख:दया और मानवता को प्राथमिकता दें, सफलता मरीजों की मदद से मापी जाती है

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने शुक्रवार को राजनांदगांव स्थित छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा के स्नातक समारोह में नए डेंटल प्रोफेशनल्स को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्नातक होना केवल एक मील का पत्थर नहीं, बल्कि सीखने के जुनून और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। राज्यपाल ने दंत चिकित्सकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख और दांतों का स्वास्थ्य न केवल मुस्कान के लिए, बल्कि समग्र स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को केवल करियर का साधन न मानें, बल्कि इसे सेवा के प्रति प्रतिबद्धता समझें। डेका ने नए चिकित्सकों को सलाह दी कि वे नैतिकता और देखभाल के उच्च मानकों को बनाए रखें। साथ ही, दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों से अपडेट रहें और सीखने की जिज्ञासा कभी न खोएं। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सफलता केवल पेशेवर उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मरीजों के जीवन में लाए गए सकारात्मक परिवर्तन से मापी जाती है। राज्यपाल ने मरीजों के इलाज में दया, सहानुभूति और मानवता को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत राज्यपाल ने किया पौधारोपण इस अवसर पर परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत राज्यपाल ने पौधारोपण किया और संदेश दिया कि इसकी सुरक्षा एवं देखभाल सभी को सदैव करनी चाहिए। डीन छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा डॉ. नागरत्ना पीजे ने संस्थान के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके पात्रा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट सुंदरा के अध्यक्ष एनसी पारख, संचालक एसके जैन, सचिव संजय गोलछा, उपाध्यक्ष एसके बोद्दून, कोषाध्यक्ष मनोज कोचर उपस्थित थे।

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