बालाघाट जिले में राजस्व और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम कश्मीरी में धान व्यापारी से 765 क्विंटल धान जब्त किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशों के बाद की गई, जिसका उद्देश्य समर्थन मूल्य पर किसानों के नाम पर व्यापारियों की ओर से धान बेचने पर रोक लगाना है। जिले में अन्य राज्यों से व्यापारियों और मिलर्स की ओर से धान मंगाने पर आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम वास्तविक किसान ही समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेच सकें इसके लिए उठाया है जिले में 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुई है। सूचना मिलने पर, संयुक्त टीम ने ग्राम कश्मीरी स्थित यशवंत किराना एंड अनाज भंडार की जांच की। जांच के दौरान, व्यापारी के पास 765 क्विंटल धान का स्टॉक पाया गया, जिसे टीम ने तत्काल जब्त कर लिया। धान परिवहन में लापरवाही, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का वेतन कटा कलेक्टर ने सभी चेकपोस्ट पर अन्य जिलों और राज्यों से आने वाले धान वाहनों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का ठीक से पालन न करने पर बालाघाट के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पहल सिंह वलाड़ी का एक दिन का वेतन काटा गया है। इसके अतिरिक्त, किरनापुर एसडीएम और बिरसा तहसीलदार को भी नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि जिले से धान ट्रकों में भरकर महाराष्ट्र के व्यापारियों और मिलर्स के लिए भेजी जा रही है। इसे रोकने के लिए कलेक्टर ने कंजई चेकपोस्ट से लेकर रजेगांव और महाराष्ट्र के रास्ते तक पड़ने वाले अन्य चेकपोस्टों पर वाहनों की अनिवार्य जांच और एंट्री के निर्देश दिए हैं। चेकपोस्ट पर एंट्री नहीं तो धान जब्ती मानी जाएगी यदि गोंदिया या पड़ोसी राज्य के लिए निकलने वाले वाहनों की रजेगांव या अन्य चेकपोस्ट पर एंट्री नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि धान जिले में ही किसी मिलर या व्यापारी के पास पहुंचा है, जिसे जब्त करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने चेक पोस्ट पर तैनात अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अन्य जिलों और राज्य से धान लेकर गोंदिया जाने वाले वाहनों की जानकारी रजेगांव तथा अन्य सीमावर्ती चेक पोस्ट को अनिवार्य रूप से दे। चूंकि जिले के व्यापारी और मिलर्स के अन्य राज्यों से मंगाई जाने वाली धान के उपयोग की जानकारी, नागरिक आपूर्ति निगम को देने कहा गया है और यदि व्यापारी या मिलर्स, बिना जानकारी के धान मंगाते है तो कार्यवाही कर धान को उपार्जन समाप्ति तक सील कर दिया जाएगा। साथ ही अन्य राज्यों से धान मंगाने वाले व्यापारी और मिलर्स के आज तक की धान के सघन जांच करने एवं दस्तावेजों का परीक्षण करने कलेक्टर ने अधिकारियों को के निर्देश दिए हैं।


