उदयपुर शहर में एक घर में दो दिन पहले गुरुवार को लेपर्ड आया जिसे रेस्क्यू किया गया और अब नदी की दूसरी तरफ और पास की कॉलोनी में भी लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया है। 18 घंटे के अंदर अलग अलग जगह लेपर्ड देखने के बाद इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग सहमे हुए है। असल में दो दिन पहले भूपालपुरा की कृष्णपुरा कॉलोनी में लेपर्ड आया और उसके बाद उसे मकान से रेस्क्यू किया गया। उसके ठीक बाद अब पास की अशोक नगर पॉश कॉलोनी की मुख्य सड़क पर उसके साथ ही 100 फीट रोड से सटे न्यू भूपालपुरा में लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया। पहला लेपर्ड अशोक नगर में देखा गया
अशोक नगर की रोड 10 पर 18 दिसम्बर की राम 1 बजकर 57 मिनट पर एक लेपर्ड वहां से गुजरा। लेपर्ड सीसीटीवी में कैद हो गया। उस समय गली के कुत्ते भी शोर मचा रहे थे।
अशोकनगर निवासी लवीना ने बताया कि रात को कुत्तों का बहुत शोर उनके घर के बाहर की रोड पर था। वह कहती है कि अमूमन ऐसा शोर नहीं होता है। उनका डाउट हुआ तो सुबह उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी को उसी समय में चेक किया जब कुत्तों का शोर था। लवीना ने बताया कि सामने की रोड पर लेपर्ड था जिसे देखकर कुत्ते भौंक रहे थे। इस बीच लेपर्ड आगे बढ़ा और टर्न लेकर वापस निकल गया। दूसरा लेपर्ड न्यू भूपालपुरा में होटल के पास
शुक्रवार की शाम साढ़े सात बजे दूसरा लेपर्ड 100 फीट मुख्य सड़क पर एक होटल के पीछे की तरफ की कॉलोनी में देखा गया। वहां पर खेतों के साथ ही मकान भी बने हुए है और आबादी बस्ती है। पूर्व पार्षद नानालाल वया ने बताया कि हिम्मत माली ने सबसे पहले लेपर्ड को देखा और उसने शोर मचाया।
बाद में हमने वन विभाग को सूचित किया तो रात को टीम भी मौके पर आई। इस दौरान लोगों के साथ टीम ने पूरे एरिया को खंगाला लेकिन कहीं लेपर्ड नहीं दिखा। सुरक्षा की दृष्टि से लैस होकर लोगों और टीम ने टॉर्च के जरिए कई जगह लेपर्ड को खोजा लेकिन कहीं नहीं दिखा। सूचना पर रात को सुखेर पुलिस से भी जाब्ता यहां पहुंचा। आयड़ नदी के दोनों तरफ लेपर्ड
असल में दो दिन पहले कृष्णपुरा में जो लेपर्ड आया उसके पीछे ही आयड़ नदी है। शुक्रवार रात को आयड़ नदी के इस किनारे वाली कॉलोनी में लेपर्ड देखा गया। अशोक नगर की कॉलोनी कृष्णपुरा के नजदीक ही है। कृष्णपुरा से लेपर्ड को रेस्क्यू किया था
उदयपुर में गुरुवार सुबह आबादी वाले इलाके भूपालपुरा की कृष्णपुरा कॉलोनी में लेपर्ड कूदकर एक घर में गया। फिर छलांग लगाकर बाहर आ गया और सामने वाले घर में चला गया। लेपर्ड ने तीन बार अपनी लोकेशन बदली। बड़ी मशक्कत के बाद लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर लिया। कॉलोनी में रहने वाले लोग करीब साढ़े आठ घंटे (सुबह 5 से दोपहर 1:30 बजे तक) दहशत में रहे।


