विदिशा जिले में पुलिस थानों में वर्षों से खड़े जब्त वाहनों की समस्या का समाधान किया जा रहा है। हाल ही में पुलिस विभाग ने इन वाहनों की खुली नीलामी आयोजित की, जिससे न केवल थानों में जगह खाली हुई बल्कि राजस्व में भी वृद्धि हुई। कोतवाली थाना परिसर में हुई दोपहिया वाहनों की नीलामी से लगभग 10 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसे जिले में अब तक की सबसे बड़ी एकल नीलामी आय माना जा रहा है। कोतवाली थाने में कुल 168 जब्त वाहन नीलामी के लिए रखे गए थे, जिनमें से 158 वाहनों की सफलतापूर्वक नीलामी हुई। इन वाहनों की आधार कीमत एक हजार से साढ़े चार हजार रुपए निर्धारित की गई थी, लेकिन बोली के दौरान कई वाहन अपनी मूल कीमत से दस गुना अधिक दाम पर बिके। इस नीलामी में विदिशा के अलावा रायसेन और भोपाल जिले से भी लोग सस्ते वाहन खरीदने पहुंचे। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस बाइक की आधार कीमत साढ़े चार हजार रुपए थी, वह 42 हजार रुपए में नीलाम हुई। अलग-अलग नीलामी से बेहतर परिणाम
कोतवाली टीआई आनंद राज ने बताया कि लगभग चार साल पहले भी वाहनों की नीलामी की गई थी, लेकिन तब वाहनों को लॉट में बेचने के कारण अपेक्षित कीमत नहीं मिल पाई थी। इस बार अलग-अलग वाहनों की खुली नीलामी कराने से बेहतर परिणाम सामने आए। उन्होंने यह भी बताया कि 7-8 वाहनों पर दावा प्रस्तुत होने के कारण उन्हें नीलामी से बाहर रखा गया था। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जानकारी दी कि जिले के विभिन्न पुलिस थानों में एक हजार से अधिक जब्त वाहन मौजूद हैं। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आने वाले दिनों में अन्य थानों में भी वाहनों की नीलामी कराई जाएगी। इससे थानों में जगह की समस्या दूर होगी और सरकारी खजाने में राजस्व भी बढ़ेगा।


