शहडोल जिला अस्पताल के गायनिक विभाग में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का अनुभवी नर्सिंग स्टाफ बदल दिया गया है। नए और अनुभवहीन स्टाफ की तैनाती के कारण मरीजों के इलाज में लगातार बाधा आ रही है। इसके साथ ही, गायनिक ओपीडी के बाहर भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। विभाग में कार्यरत एक महिला चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ओटी में लंबे समय से काम कर रहे प्रशिक्षित और अनुभवी नर्सिंग स्टाफ को हटा दिया गया है। उनकी जगह ऐसे नए स्टाफ को नियुक्त किया गया है, जिन्हें ऑपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली का पर्याप्त अनुभव नहीं है। डॉक्टर के अनुसार, अनुभवहीन स्टाफ के कारण सर्जरी के दौरान आवश्यक प्रक्रियाओं में बार-बार रुकावट आती है। कई बार उपकरणों को संभालने में समस्या होती है, तो कभी ऑपरेशन की तैयारी समय पर नहीं हो पाती। इसका सीधा असर सर्जरी की गुणवत्ता और मरीजों को समय पर मिलने वाले इलाज पर पड़ रहा है, जिससे डॉक्टरों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। महिला चिकित्सक ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की गई थी। एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो स्टाफ व्यवस्था में कोई सुधार किया गया और न ही नए स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। वहीं, गायनिक ओपीडी के बाहर और आसपास साफ-सफाई की स्थिति भी बदहाल है। ओपीडी के सामने गंदगी फैली हुई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी असुविधा हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें खुद सफाई के लिए बार-बार अस्पताल प्रबंधन को व्हाट्सएप पर तस्वीरें भेजनी पड़ती हैं। इसके बावजूद, नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं बन पाई है। डॉक्टरों का आरोप है कि ओटी में अनुभवहीन स्टाफ और ओपीडी में गंदगी के कारण मरीजों के इलाज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।


