सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण डीरेल हुआ कोच पटरी पर लाते ही अपने आप चलने लगा। यह कोच करीब 4 किमी तक मेन लाइन पर दौड़ा। गनीमत रही कि उस समय मेन लाइन पर कोई और ट्रेन नहीं थी। घटना शुक्रवार की है। भोपाल रेल मंडल के चौका स्टेशन के पास मालगाड़ी का अंतिम कोच डीरेल हो गया। माल गाड़ी रेलवे की पटरियों को अनलोडिंग करने गई थी। सूचना मिलते ही रेलवे के सीएनडब्ल्यू विभाग के अलावा अन्य अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और कोच को ट्रैक पर लाया गया। लेकिन ट्रैक पर लाते ही कोच मिडघाट की तरफ चल दिया। मिडघाट पर इसे सेफ्टी लाइन पर करीब एक घंटे में नियंत्रित किया गया। रात 1:30 बजे तक रेलवे अधिकारी स्थिति को कंट्रोल करते रहे। भोपाल रेल मंडल के डीआरएम सहित अन्य अधिकारी इस घटना के संबंध में बात नहीं कर रहे हैं। दोपहर 3 बजे डीरेल हुआ,शाम 7 बजे ट्रैक पर वापस लाया गया
भोपाल रेल मंडल की एक 20 डिब्बों की मालगाड़ी पटरियों की अनलोडिंग के लिए चौका स्टेशन के पास थी। इस ट्रेन के लिए रेलवे ने शुक्रवार दोपहर 1:10 से 2:40 बजे तक का ब्लॉक भी लिया था। काम खत्म होने के बाद दोपहर करीब 3 बजे इस ट्रेन का एक आखरी कोच (ईएनबीआरएन) डीरेल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कैरेज एंड वैगन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद कड़ी मशक्कत के बाद शाम 6:55 बजे कोच को पटरी पर लाया गया। ना कपलिंग की, ना आगे-पीछे स्टॉपर लगाए
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस कोच को ट्रैक पर लाने के दौरान सुरक्षा मानक फॉलो नहीं किए गए। ना कपलिंग की गई, ना ही आगे-पीछे स्टॉपर लगाए गए। जिसके चलते यह कोच ढलान यानी मिडघाट की तरफ मेन लाइन पर अपने आप चल दिया। जिसके बाद आनन-फानन में अधिकारियों ने इसकी सूचना मिडघाट स्टेशन मास्टर को दी, स्टेशन मास्टर ने समझदारी दिखाते हुए उसे तुरंत सेफ्टी लाइन पर रोका। रात करीब 8 बजे यह कोच सेफ्टी लाइन पर आया। लेकिन इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक अनियंत्रित रहा। कभी यह सेफ्टी लाइन से मेन लाइन पर जाता, तो कभी मेन लाइन से सेफ्टी लाइन पर आ जाता। इस कारण अनेक एक्सप्रेस ट्रेनें भी लेट हुईं। रेलवे अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने में रात के करीब 1:30 बज गए।


