डूंगरपुर जिले के चिखली ब्लॉक स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रेगदडा का भवन जर्जर घोषित होने के बाद अब यह स्कूल एक टीन शेड में संचालित हो रहा है। ग्रामीणों और शिक्षकों ने मिलकर इस टीन शेड का निर्माण कराया है, जहां पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे एक साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में स्कूल में 57 विद्यार्थी नामांकित हैं और तीन शिक्षक कार्यरत हैं। संस्था प्रधान हरिशचन्द्र छगण ने बताया कि झालावाड़ में हुए एक स्कूल हादसे के बाद विद्यालयों की स्थिति का सर्वेक्षण कराया गया था। इस सर्वेक्षण में रेगदडा स्कूल भवन की स्थिति भी अच्छी नहीं पाई गई। इसके परिणामस्वरूप 31 जुलाई 2025 को पूरे स्कूल भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया। भवन जर्जर घोषित होने के बाद स्कूल को लगभग एक महीने तक एक निजी भवन में संचालित किया गया। इसके बाद, ग्रामीणों के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा की गई। ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ के सामूहिक सहयोग से खेल मैदान परिसर में एक महीने के भीतर ही टीन शेड का निर्माण कराया गया। इस पहल में संस्था प्रधान हरिशचंद्र छगण, शिक्षक विपुल रोत और नरेश कटारा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस राशि में से स्थानीय ग्रामीणों ने 25 हजार रुपए का योगदान दिया, जबकि शेष 45 हजार रुपए का खर्च स्कूल के स्टाफ शिक्षकों द्वारा वहन किया गया। इस सहयोग से बच्चों को तत्काल एक छत मिल गई और अब वे एक ही स्थान पर सामूहिक कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, स्थानीय शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल के नए भवन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक उसे स्वीकृति नहीं मिली है। संस्थाप्रधान हरिशचंद्र छगण ने इस स्थिति की पुष्टि की।


