जयसमंद क्षेत्र स्थित विरपुरा लेम्प (सहकारी समिति) के बाहर उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब यूरिया खाद की समय पर आपूर्ति नहीं होने से किसानों का सब्र जवाब दे गया। फसलों के लिए अत्यंत जरूरी यूरिया नहीं मिलने से नाराज किसानों ने समिति प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान यूरिया लेने के लिए लाइन में खड़े थे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद खाद नहीं मिलने पर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। कई किसान दूर-दराज के गांवों से पहुंचे थे, जिन्हें खाली हाथ लौटने की आशंका सताने लगी। मौके पर प्रशासन, टोकन व्यवस्था से वितरण शुरू स्थिति बिगड़ते देख वितरण व्यवस्था के लिए समिति अधिकारी व कृषि प्रशिक्षक नयन आमेटा, जयसमंद पुलिस चौकी के चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह मीणा और हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों की मांग और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने टोकन प्रणाली के माध्यम से यूरिया वितरण की व्यवस्था शुरू की, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक संभली। किसानों की चेतावनी – उत्पादन पर पड़ेगा सीधा असर किसानों का कहना है कि फसलों के लिए यह समय बेहद अहम है। यदि समय पर यूरिया नहीं मिला तो खेतों में खाद डालने का कार्य प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। किसानों ने आरोप लगाया कि यूरिया की मांग पहले से ही ज्ञात थी, इसके बावजूद पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यूरिया की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था और आक्रोश की स्थिति पैदा न हो।


