खरगोन में होगा इंदौर DFO का अंतिम संस्कार:पुलिस कर सकती है सुसाइड की वजह का खुलासा; रेंजर से सीधे SDO बने थे महेंद्र सिंह सोलंकी

इंदौर के डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी का अंतिम संस्कार खरगोन में किया जाएगा। शनिवार सुबह डीएफओ सोलंकी का पीएम हुआ। शुक्रवार को उन्होंने अपने नवरतन बाग स्थित सरकारी बंगले में सुसाइड कर लिया था। सोलंकी ने सुसाइड किन कारणों से किया है यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आज कारणों का खुलासा कर सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सुसाइड की वजह पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक महेंद्र सिंह के मोबाइल पर लगातार काल आ रहे थे। शंकर नाइक नामक व्यक्ति लगातार वॉट्सऐप काल लगा रहा था। 2 बार चाय पूछने गया था रसोइया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार करीब चार बजे रसोइया किशोरी सेन डीएफओ से चाय का पूछने गया लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। एक घंटे बाद किशोरी पुन: गया और दरवाजा नहीं खोलने पर चालक रतनसिंह को बुलाया। रतन और किशोरी ने धक्का देकर दरवाजा खोला तो महेंद्र सिंह का शव पंखे से लटका पाया। टीआई मनीष मिश्रा के अनुसार- महेंद्र सिंह का शव प्रथम मंजिल स्थित कमरे में मिला है। घटना के समय उनकी मां चंपाबाई और पिता कन्हैयालाल सोलंकी नीचे हाल में ही थे। पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला। कमरे में मिले दो मोबाइल के लाॅक खुलवाने की कोशिश की जा रही है। 2017 में IFS अवॉर्ड हुए थे सोलंकी महेंद्र सिंह सोलंकी 2017 में आईफएस अवॉर्ड हुए थे। सोलंकी रेंजर से सीधे एसडीओ बने थे। बतौर डीएफओ इंदौर में उनका दूसरा कार्यकाल था। वह लगभग 2 साल से इंदौर में पदस्थ थे। पुलिस के मुताबिक महेंद्र सिंह सोलंकी दिन में 12 बजे से घर पर ही थे। वे एक बैठक में तबीयत का हवाला देते हुए शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने अपने असिस्टेंट से दवाइयां भी मंगाई थी।सीसीएफ बघेल ने भी बताया कि, डीएफओ किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुए थे। एडिशनल सीपी अमित सिंह के मुताबिक- डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड करने की वजह का पता नहीं चल पाया है। घर के नौकर ने जाकर देखा तो फंदे पर लटके मिले डीएफओ करीब 12.30 बजे अपने घर के ऊपर के कमरे में आराम करने गए थे। इसके बाद से नीचे नहीं आए। सोलंकी के बुजुर्ग माता-पिता घर पर मौजूद थे। उन्होंने नौकर को बोला तो उसने जाकर कमरे में आवाज लगाई। कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलने से वह वापस नीचे आ गया। उसे लगा कि वो सोए हुए हैं। वहीं कुछ देर बाद जाकर उसने वापस देखा तो उसे शक हुआ। जिसके बाद दरवाजा तोड़ा तो डीएफओ का शव फंदे पर लटका हुआ था। खरगोन के रहने वाले थे महेंद्र सिंह सोलंकी डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी खरगोन जिले के रहने वाले थे। वे 7 महीने बाद वह रिटायर होने वाले थे। वे इंदौर में माता-पिता और पत्नी के साथ रहते थे। सोलंकी का एक बेटा और एक बेटी है। बेटी एमबीबीएस कर रही है। पत्नी शिक्षा विभाग में कार्यरत थी। कुछ महीने पहले ही वह रिटायर हुई है। वह गुरुवार को ही खरगोन गई थी। यह खबर भी पढ़ें- इंदौर में डीएफओ ने किया सुसाइड इंदौर में डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी ने सुसाइड कर लिया। शुक्रवार शाम को उनका शव उनके सरकारी बंगले पर मिला है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सुसाइड की वजह पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *