नीमच के भरभड़िया बायपास स्थित एक रस्सी फैक्ट्री में शनिवार दोपहर महिला मजदूरों ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें 10-15 मिनट की देरी से आने पर काम पर नहीं लिया गया और उनके साथ गाली-गलौज की गई। इसके विरोध में आक्रोशित महिलाएं फैक्ट्री के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गईं। पीड़ित महिला मजदूर लाली बाई जाटव और अन्य महिलाओं ने बताया कि फैक्ट्री मालिक ने उन्हें देरी से आने पर काम से निकाल दिया और अपमानजनक शब्द कहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे रोजाना 10 घंटे काम कराया जाता है और प्रत्येक महिला को 70 से 80 किलोग्राम तक का भारी वजन उठाने के लिए मजबूर किया जाता है। मजदूरों के अनुसार, यदि कोई महिला शारीरिक अक्षमता के कारण इतना वजन उठाने से मना करती है, तो उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। श्रम अधिकारी के आने पर देते छुट्टी मजदूरों ने बताया कि जब भी श्रम विभाग का कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए आने वाला होता है, तो मालिक पहले ही सभी मजदूरों को छुट्टी दे देता है, ताकि कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति छिपाई जा सके। उनका कहना है कि श्रम विभाग इस मामले में पूरी तरह मौन है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित महिलाओं ने अब प्रशासन से उचित वेतन दिलाने, काम के घंटे तय करने और कार्यस्थल पर होने वाले मानसिक तथा भाषाई शोषण को तुरंत रोकने की मांग की है। डायरेक्टर बोले- मामले की जानकारी नहीं फैक्ट्री के डायरेक्टर मोहम्मद हुसैन ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वे इसकी जांच करवाएंगे। हुसैन ने कम राशि देने के आरोपों पर भी अनभिज्ञता जताई और कहा कि वे पूरे मामले को देखेंगे।


