पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करते हुए बठिंडा में तैनात एक फूड इंस्पेक्टर और उसके निजी सहयोगी (कमीशन एजेंट) के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा द्वारा की गई पड़ताल के बाद की गई। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी भूपिंदर सिंह, जो पनग्रेन मौड़ मंडी, जिला बठिंडा में इंस्पेक्टर हैं और कृष्ण कुमार निवासी कोट फत्ता (निजी कमीशन एजेंट) के खिलाफ शिकायत मिली थी। यह शिकायत राधे श्याम निवासी कोट फत्ता, जिला बठिंडा ने एंटी-करप्शन हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराई थी। गेहूं खरीद पर मांगी थी रिश्वत शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2025 में गेहूं की खरीद के दौरान उसकी आढ़त की दुकान के माध्यम से पनग्रेन द्वारा 22,201 बोरी गेहूं खरीदी गई थी। जांच में पाया गया कि इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह ने इन बोरियों की खरीद के बदले प्रति बोरी 1 रुपए के हिसाब से रिश्वत की मांग की थी। आरोपी इंस्पेक्टर ने अपने एजेंट कृष्ण कुमार के जरिए शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 22,000 रुपए की रिश्वत ली। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई गहन जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई कि आरोपियों ने मिलीभगत कर रिश्वत ली है। इसके बाद, विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, बठिंडा रेंज में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और संशोधित अधिनियम 2018 के तहत दर्ज किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो मामले की आगे की तफ्तीश कर रहा है।


