जयपुर में क्राइम रेट गिरा, टारगेट पर 5 बड़ी चुनौतियां:रोड एक्सीडेंट कम करना फर्स्ट प्रायोरिटी, साइबर क्राइम पर लगाम के लिए बढ़ाएगें कैपेसिटी

जयपुर में क्राइम रेट में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। क्राइम रेट गिरने के बाद भी 5 बड़ी चुनौतियां खड़ी है, जो अब जयपुर पुलिस के टारगेट पर है। पहली प्राथमिकता एक्सीडेंट ग्राफ में कमी लाना है। इसके साथ ही दूसरी प्रायोरिटी साइबर क्राइम पर लगाम लगाना है। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- जयपुर शहर के क्राइम रेट में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। पुलिस की वर्किंग के चलते चालान प्रतिशत व रिकवरी प्रतिशत में भी बढ़ी है। चोरी के अपराध में कमी आई है, लेकिन नकबजनी की वारदात बढ़ी है। वाहन चोर बड़ी समस्या बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- वाहन चोरी शहर की एक बड़ी प्रोब्लम रही है। वाहन चोरी की संख्या बहुत ज्यादा है। अगले साल इसे चुनौती के तौर पर लेकर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। चेन-मोबाइल स्नेचिंग की वारदातों में कमी आई है। बहुत सारे चेन स्नेचरों को पकड़ गंभीर धाराएं लगाकर जेल भेजा गया है। शहर में चेन स्नेचिंग में प्रतिशत चालान पहले से बढ़कर 50 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। शहर में चेन स्नेचिंग को बिल्कुल खत्म करने का हमारा अगला प्रयास है। महिला अत्याचार के साथ ही एससी/एसटी अपराध में भी कमी आई है। फायरिंग की वारदातों में भी कमी आई है। साल-2023 में 29 केस थे, जो इस साल घटकर 12 रह गए है। ऑपरेशन आग के चलते इस क्राइम में कमी आई है। टेक्नोलोजी को यूज कर एनडीपीएस एक्ट में भी अधिक कार्रवाई की। ट्रैफिक की प्रोब्लम को लेकर लोगों की शिकायतें ज्यादा मिल रही है। ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर थानों की पुलिस भी ट्रैफिक प्रोब्लम को दूर करने को प्रोयोरिटी पर लेकर वर्क करेंगी। आने वाले 2-3 महीने में ट्रैफिक की व्यवस्था को ओर अच्छा कर जाम की स्थिति को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। एक्सीडेंट में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई एक्सीडेंट के ग्राफ में कमी लाना हमारी प्राथमिकता रहेगी। पिछले साल से इस साल ट्रैफिक पुलिस ने 50 प्रतिशत अधिक कार्रवाई की है। उसके बाद भी एक्सीडेंट में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते मृतक व घायलों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। हॉट स्पॉट व एक्सीडेंट के कारणों का एनालिसिस कर वर्क किया जाएगा। जयपुर पुलिस के लिए साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती है। जिस पर अकुंश लगाना पहली प्राथमिकता है। साइबर क्राइम को कंट्रोल करने के लिए हमारी साइबर केपिसिटी को ओर अच्छा करना है। साइबर क्रिमिलर्स जैसे अपनी कैपिसिटी बढ़ा रहे है, पुलिस को उसने ज्यादा अपनी कैपिसिटी को बढ़ाना है। पुलिस और पब्लिक के बीच में दूरी को कम करने के लिए कल्चर व स्पोर्ट प्रोग्राम के आयोजन को बढ़ाया जाएगा। पुलिस कमिश्नर जोसफ ने अपील की है कि बाहर से आने वाले लोगों को किराए पर रखने, घरेलू नौकर रखने आदि में उनका पुलिस वेरिफिकेशन जरुर करवाए। पहचान के डॉक्यूमेंट नहीं लेने के कारण क्रिमिलनर्स शहर में ठहरकर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते है। वैरिफिकेशन के चलते अपराधियों को मिलने वाली सुविधा पर अंकुश लग सकेगा।

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