करौली जिला मुख्यालय स्थित राजकीय महाविद्यालय में सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हो गया। इस कार्यशाला में लैब सुरक्षा, उपकरणों और लैब की विभिन्न तकनीकों पर गहन चर्चा की गई। समापन सत्र में राजकीय विज्ञान महाविद्यालय कोटा की वनस्पति शास्त्र की प्रोफेसर नीरजा श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. प्रीतम सिंह मीना ने बताया कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला में कुल 238 ऑनलाइन और 162 ऑफलाइन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कुल 12 सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें देशभर के कुलपतियों और प्रोफेसरों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से व्याख्यान दिए। कार्यशाला के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इनमें प्राकृतिक लैब की स्थापना, वर्तमान में लैब में सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, लैब तकनीक, दैनिक जीवन में प्रयोग से लेकर डीआरडीओ लैब तक विकसित करने के भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे अटल टिंकरिंग लैब कार्यक्रम शामिल थे। इसके अतिरिक्त, किसानों के लिए मृदा परीक्षण और हैंडलिंग जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। समापन समारोह में कृषि उपनिदेशक डॉ. धर्मसिंह मीना मुख्य मेहमान के रूप में मौजूद रहे, जबकि कॉलेज प्राचार्य रफीक अहमद ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्राचार्य रफीक अहमद ने सभी प्रतिभागियों, आयोजन समिति, कुलपतियों और विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में इस तरह की कार्यशाला पहली बार आयोजित हुई है, जिसका फायदा सभी को मिलेगा। समन्वयक रामसिंह मीना ने अतिथियों का परिचय करवाया और डॉ. रामलखन ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन डॉ. सोनम बामनिया ने किया। इस अवसर पर डॉ. मनमोहन मीना, डॉ. सीताराम खण्डेलवाल, डॉ. गोरेलाल मीना, प्रो. भंवर लाल, डॉ. मनीराम मीना, डॉ. रामलखन मीना, डॉ. कारूलाल मीना, डॉ. हरिओम, विश्राम मीना, हरिनारायण मीना, डॉ. सुरेश चंद गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सुमन गुर्जर, शुचि मीना, संजना सहित कई प्रतिभागी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।


