सीकर का अहिंसा सर्किल इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज:दरवाजों पर 29 धर्मों के प्रतीकों के संगम ने दिलाई जगह, 2017 में बना था

सीकर के अहिंसा सर्किल का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। सर्किल के दरवाजों पर सभी धर्मों के नाम व प्रतीक चिन्हों ने इसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई है। रिकॉर्ड्स का सर्टिफिकेट अहिंसा सर्किल के निर्माता डॉ. वीके जैन को शनिवार को बुक रिकॉर्ड्स की टीम ने अहिंसा सर्किल पर दिया। डॉ. वीके जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अहिंसा सर्किल का जर्मन सिल्वर से निर्मित सर्वधर्म द्वार विश्व में सबसे अनूठा है। इसमें विश्व के 29 धर्मों सहित नास्तिक मत का प्रतीक चिन्ह और विभिन्न संस्कृतियों के 84 स्वास्तिक डिजाइन अंकित है। 2017 में हुआ था निर्माण 8 अक्टूबर 2017 को सर्किल के लोकार्पण समारोह है दौरान आचार्य लोकेश मुनि गोस्वामी, संत सुशील, परमजीत सिंह चंडोक, बौद्ध विक्षु संत सेनाजी, फादर विक्टर व इमाम उमर अहमद इलियासी सहित आठ धर्म गुरु शामिल हुए थे। अहिंसा सर्किल के निर्माण को एएसआई के पूर्व निदेशक व प्रसिद्ध पुरातत्वविद केके मोहम्मद भी देखने की इच्छा जता चुके हैं। बता दे की तापड़िया बगीची के पास अहिंसा सर्किल की जगह 1975 में आवंटित हुई थी। भगवान महावीर स्वामी के 2550 वें निर्माण दिवस पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के देशभर में अहिंसा सर्किल निर्माण की घोषणा पर नगर परिषद ने यह जगह सर्किल निर्माण के लिए अलॉट की थी। इस पर 22 साल बाद यह सर्कल बनाया गया था। अहिंसा सर्किल का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होना शहर के लिए गौरव की बात है।

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