एक आदेश से मानसरोवर थाने में दर्ज 16 एफआईआर तीन साल बाद फिर री-ओपन की गई है। एसओजी ने एक साथ इन फाइलों में एफआर लगाई थी, जिन्हें कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। कोर्ट आदेश के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने फाइलें तफ्तीश के लिए फिर एसओजी भेज दी हैं। ये मामले वर्ष 2022 में मानसरोवर थाने में दर्ज कराए गए थे। पिंकसिटी इंफ्रास्टक्चर कम्पनी और राजदरबार ग्रुप कम्पनी के बीच विवाद को लेकर दर्ज इन मामलों में एसओजी ने वर्ष 2023 में एफआर लगा दी थी। एसओजी ने तफ्तीश में मामलों को झूठा माना था। कोर्ट ने आदेश में बताया कि मामले में कई तथ्यों पर तफ्तीश नहीं हुई। इस आधार पर केस री-ओपन कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के आदेशानुसार मानसरोवर थाना पुलिस ने सभी फाइलें एसओजी भेज दी हैं। एसीबी तक भी पहुंचा मामला चुनावों से कुछ समय पहले एफआर लगाने के घटनाक्रम को लेकर सरकार स्तर पर एसओजी के तत्कालीन मुखिया तक की शिकायत की गई थी। हालांकि पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस विंग ने जांच कर उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद सरकार स्तर पर भी शिकायत की गई थी। इसी वर्ष डीओपी ने शिकायत को लेकर एसीबी को पत्र लिखकर 17ए के तहत प्रस्ताव भेजने को कहा। हालांकि एसीबी ने पुलिस मुख्यालय की विजिलेंस विंग में हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे जांच न करने का निर्णय लिया।


