प्रशासन की दखल से मामला सुलझा:पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में भुगतान का विवाद, टेंट हटाने पहुंचे एजेंसी के कर्मचारी

दुर्ग जिले के नगपुरा में कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की कथा चल रही है। रविवार को इसका अंतिम दिन है। एक दिन पहले शनिवार को यहां आयोजकों और टेंट लगाने वाली एजेंसी के बीच भुगतान को लेकर विवाद सामने आया। एजेंसी के कर्मचारी सुबह से पंडाल उखाड़ने की बात कहते हुए कथा स्थल पर जुट गए। दोपहर में बैठक भी हुई। उस दौरान पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद एजेंसी के कर्मचारी पीछे हटे। हालांकि आयोजन समिति का दावा है कि शनिवार शाम तक टेंट संचालक को भुगतान किया जा चुका है। अब किसी तरह की दिक्कत नहीं है। रविवार को कथा अपने समयानुसार पूरी होगी। शिवमहापुराण कथा के लिए नागपुर की एजेंसी को टेंट का काम दिया गया था। आयोजकों के मुताबिक एजेंसी को कथा के 3 दिन पहले तक पंडाल तैयार कर देने थे। पर उन्होंने काम कथा शुरू होने वाले दिन दोपहर 12 बजे तक पूरा किया। बार-बार कहने पर भी बात नहीं सुनी। इससे तैयारी में दिक्कतें हुईं।का सामना करना पड़ा। इसके अलावा टेंट की ऊंचाई, लंबाई, चौड़ाई में भी बदलाव कर दिया। फिलहाल भुगतान हो चुका है। कुछ राशि आखिर में काटकर दी जाएगी। एजेंसी संचालकों से बात हो चुकी है।
दूसरी ओर नागपुर के टेंट हाउस संचालक का कहना था कि सवा करोड़ रुपए में काम की बातचीत हुई थी, लेकिन आयोजन समिति की ओर से रोजाना 2 से 3 लाख रुपए का भुगतान किया गया। अब तक उन्हें 25 से 30 लाख रुपए ही मिले हैं। भुगतान की दिक्कत के चलते ट्रांसपोर्ट का खर्च भी नहीं निकल पा रहा था, इसलिए टेंट को 15 प्रतिशत छोटा कर दिया गया है। अब समिति से बातचीत हो गई है और विवाद सुलझ गया है। जिम्मेदारों का ये है कहना ….
आयोजन समिति की प्रमुख व जिला पंचायत सभापति प्रिया साहू का कहना है कि डोम लगाने वाली एजेंसी को लगभग पूरा भुगतान किया जा चुका है। करीब 5 लाख ही शेष है। तय समय पर एजेंसी ने काम पूरा करके नहीं दिया था। इधर, एडिशनल एसपी पद्मश्री तंवर के मुताबिक कथास्थल पर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। आयोजन समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच लेन-देन को लेकर कुछ दिक्कत है। एजेंसी के कर्मचारियों ने थाने में आवेदन दिया है। जांच की जा रही। दूसरी ओर टेंट हाउस संचालक नरेंद्र साहू को कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *