स्वच्छता सर्वे 2025-26 में सिटीजन फीडबैक को दोगुना कर दिया गया है। पिछले साल इस कैटेगरी में 500 अंक थे, जिन्हें इस बार बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है। मैन सर्वे का स्कोर पिछले 10,000 अंक से बढ़ाकर 10,500 कर दिया गया है। दरअसल, सर्वे की थीम अब स्वच्छता को स्वभाव और संस्कार बनाने पर केंद्रित है। भोपाल में जारी नई टूल किट के अनुसार, सिटीजन फीडबैक पूरे साल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लिया जाएगा। पिछली बार इसे हर तीन महीने में एक बार लिया जाता था। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट यानी पान के दाग और खुले में टॉयलेट जैसी गंदगी को भी रोकना अनिवार्य होगा। इस बार सर्वे में स्वच्छ जोड़ी का नया अवार्ड भी शामिल किया गया है। बड़े शहर पास के छोटे शहर की स्वच्छता में सहयोग करेंगे और उन्हें अपग्रेड करेंगे। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि इन खंतियों को गोद लेकर उन्हें पूरी तरह साफ करेंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी दिल्ली की एक खंती को गोद लिया है। अप्रैल में सर्वे टीम शहर का निरीक्षण कर सकती है, जबकि आमतौर पर यह सर्वे दिसंबर और जनवरी में हो जाता था। पुरानी कचरा खंतियों (लिगेसी वेस्ट) को खत्म करना अब टारगेट में शामिल है। छोटे-छोटे कचरा घरों को क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट की तरह देखा जाएगा और इन्हें समय पर साफ करना होगा।


