शिवपुरी नगर पालिका के आवास पर कब्जा का मामला:40 साल का कब्जा, कोर्ट ने याचिका खारिज कर 30 दिन में खाली करने के आदेश दिए

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में शनिवार को शिवपुरी नगर पालिका के आवास पर कब्जा का मामला सुना गया था। कोर्ट ने शासकीय आवास (क्वार्टर) पर कब्जे के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की है कि याचिकाकर्ता का सार्वजनिक परिवार पर कोई अधिकार नहीं है। वह अनधिकृत कब्जाधारी माना जाएगा। इस टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट की युगल पीठ ने याचिका खारिज करते हुए 40 साल से कब्जा को 30 दिन के अंदर खाली करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 50 हजार रुपए हर्जाना भी लगाया गया है। 40 साल से अवैध कब्जा माना ग्वालियर हाईकोर्ट में बीते रोज शिवपुरी जिले के नगर पालिका के अधीन क्वार्टर पर कब्जा का एक मामला सुनवाई के लिए आया था। याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश सरवर हुसैन जैदी की मिसलेनियस पिटीशन को खारिज करते हुए दिया। हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका में ग्वालियर संभागायुक्त और सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित बेदखली आदेशों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता का दावा था कि उसके पिता को नगर पालिका द्वारा क्वार्टर आवंटित किया गया था, जिस पर वह वर्षों से निवास कर रहा है। कोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि संबंधित क्वार्टर नगर पालिका की संपत्ति है और कर्मचारियों के उपयोग के लिए निर्धारित है। याचिकाकर्ता स्वयं नगर पालिका का कर्मचारी नहीं है। उसके पिता की मृत्यु वर्ष 1985 में हो चुकी थी, इसके बावजूद याचिकाकर्ता पिछले करीब 40 वर्षों से उक्त क्वार्टर पर बिना किसी वैध अधिकार के काबिज है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता न तो आवंटन से संबंधित कोई दस्तावेज पेश कर सका और न ही निर्धारित किराया अथवा बकाया राशि का भुगतान किया। कोर्ट ने संभागायुक्त द्वारा पारित आदेश को माना जायज
हाईकोर्ट ने संभागायुक्त ग्वालियर द्वारा पारित आदेश को वैध ठहराते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अनधिकृत कब्जाधारी है और उसे सार्वजनिक परिसर पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कलेक्टर शिवपुरी और संभागायुक्त ग्वालियर को निर्देश दिए हैं कि यदि 30 दिन के भीतर परिसर खाली नहीं किया गया तो पुलिस बल की सहायता से बेदखली की जाए। 30 दिन में खाली करना होगा क्वार्टर
इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपए की लागत भी लगाई है, जिसे एक माह के भीतर कलेक्टर शिवपुरी के समक्ष जमा करना होगा। राशि जमा नहीं करने की स्थिति में वसूली की कार्रवाई किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। 30 दिन के अंदर शासकीय क्वार्टर खाली करना होगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *