भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा जिला मुखिया संघ का एक प्रतिनिधिमंडल ने लोहरदगा जिला अन्तर्गत सभी थाना क्षेत्र के पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अवैध बालू उठाव एवं खनन पर मनमानी करने के मामले को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि झारखण्ड राज्य अन्तर्गत सभी जिलों में अवैध बालु उठाव एवं खनन पर पूर्ण रूप से रोक है। इसमें मुख्यमंत्री का भी निर्देश है, परन्तु पंचायत की छोटी-छोटी विकास योजनाओं में जैसे आवास निर्माण, पीसीसी पथ निर्माण एवं नाली निर्माण हेतु कटेगरी-1 बालू घाटों का अंचलाधिकारी द्वारा निर्गत परगमन पर्ची के साथ बालू उठाव का अधिकार पंचायत के मुखिया को प्राप्त है। किन्तु स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा बालू माफियों के मिली भगत से पंचायत के अधिकृत मुखिया द्वारा निर्गत परगमन पर्ची को नजरअंदाज करते हुए मनमानी तरीके से अवैध वसूली के साथ आधी रात में भी बालू उठाव एवं खनन को बढ़ावा दिया जाता है। जिससे पंचायत का विकास मद में शुल्क एवं राजस्व क्षति के साथ-साथ आये दिन दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। जिससे क्षेत्रिय पुलिस प्रशासन की मनमानी को दर्शाता है। इस संबंध में जनप्रतिनिधि मुखिया द्वारा किसी भी समस्या से संबंधित बात करने पर कोई बात नहीं की जाती हैं और न ही सुना जाता है, जबकि पंचायत का मुखिया अपने पंचायत क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन होता है। कहा कि विषय को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन की मनमानी पर अविलंब अंकुश लगाया जाय। जिससे क्षेत्र में अवैध बालू का कारोबार रोका जा सके। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में लोहरदगा मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष बासुदेव उरांव, उपाध्यक्ष अनिल उरांव, जिला सचिव परमेश्वर महली, कोषाध्यक्ष सुमित उरांव, राजकिशन उरांव सहित विभिन्न पंचायत के मुखियागण शामिल थे।


