अंधकार से प्रकाश में आने पर मिलता है ज्ञान : बलराम

भास्कर न्यूज | कुडू अविराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन टिको कुडू में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। भारतीय परंपरा और संस्कृति को पुनर्जीवित करना विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। मौके पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर उमास डार्टमाउथ और इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड साइंस यूएसए के डॉ. बलराम सिंह ने कहा भारत की शिक्षा पद्धति को भारतीय संस्कृति और ज्ञानार्जन परंपरा पर आधारित बनाने की जरूरत है। इसके लिए कॉलेज में ज्ञान प्राप्त करने के लिए उचित वातावरण तैयार करना होता है। इसके बाद ही शिक्षा देना आता है। उन्होंने कहा अंधकार से प्रकाश की ओर आते है तब ज्ञान प्राप्त होता हैै। वहीं चीन के क्वांगटोंग विश्वविद्यालय से डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का ह्रास के बावजूद भारतीय संस्कृति में शिक्षा का अहम योगदान है शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षक, प्रशिक्षक, महाविद्यालय और स्कूल तक शिक्षा को साकार करना होगा। इसे नियमियता से व्यावहारिकता के साथ लागू करना होगा। वहीं सेमिनार में कॉलेज सचिव इंद्रजीत भारती ने कहा सेमिनार आयोजित करके, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका प्रशिक्षुओं दिया जा रहा है। सेमिनार को पद्मश्री मधु मंसूरी, डॉ राजेश कु मिश्रा, कल्पना शर्मा, कॉलेज प्राचार्या डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी ने संबोधित किया। मौके पर अतिथियों को शॉल ओढ़ा सम्मानित किया गया। अतिथियों ने कॉलेज के पुस्तिका का विमोचन किया। इसके पूर्व अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, भारत माता, सरस्वती माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित और पुष्प अर्पित कर सेमिनार का शुभारंभ किया गया। मौके पर कॉलेज की प्रशिक्षुओं में अंकिता ग्रुप ने योग नृत्य कर अतिथियों का मन मोहा, सुधा ग्रुप ने रामायण की प्रस्तुति दी। साथ ही आदिवासी संस्कृति, परंपरा के अनुसार जोहार गाना पर शानदार प्रस्तुति दी। मौके पर लक्ष्मण उरांव, वीरेंद्र बाघवार, कुंदन गिद्ध, पवन, शिव, मनु, आफताब आलम, नीरज कुमार, सरिता सहित अन्य मौजूद थे।

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