डोमिसाइल, ईडब्ल्यूएस के विकल्प पर भी टिक करने में होती है चूक, एग्जाम सेंटर के लिए 4 शहरों का विकल्प

भास्कर न्यूज | जालंधर सीयूईटी पीजी के रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्रों को सेंटर के लिए चार शहरों का विकल्प दिया है। वे अपने शहर के साथ प्रदेश के ही तीन और विकल्प चुन सकते हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें देश के किसी भी राज्य में सेंटर अलॉट किया जा सकता है। हालांकि यह जानकारी भी सामने आई है कि इस बार एनटीए छात्रों को अपने ही शहर या फिर सबसे नजदीकी शहर में सेंटर अलॉट करेगा, लेकिन छात्र संख्या अधिक होने की स्थिति में अन्य शहर या अन्य राज्य में भी सेंटर अलॉट किया जा सकता है। इधर, फॉर्म भरने के दौरान छात्रों की कई गलतियां सामने आ रही हैं। जानकार कहते हैं ये गलतियां बाद में छात्रों के लिए परेशानी बन सकती हैं। खासकर चार बिंदुओं पर छात्र सबसे ज्यादा गलतियां करते हैं। यूनिवर्सिटी भी सीयूईटी से संबंधित इन्क्वायरी के लिए आने वाले छात्रों को इन चार बिंदुओं पर गलती नहीं करने की सलाह दे रहा है। इसमें सबसे अहम सब्जेक्ट कोड है। क्वेश्चन पेपर कोड्स की लिस्ट में से चार पेपर कोड्स चुन सकते हैं। यह चॉइस स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन के समय भरनी होगी। फॉर्म भरते वक्त छात्रों को सब्जेक्ट कोड पूरे सही भरना होंगे, अन्यथा दूसरे विषय का परचा हल करना पड़ेगा। यही नहीं, पिछले साल कई छात्रों ने फॉर्म के दौरान एमपी डोमिसाइल यानी प्रदेश के मूल निवासी के विकल्प पर ही टिक नहीं िकया था। इस बार भी जो छात्र इस विकल्प पर टिक नहीं करेंगे, उन्हें रिजर्वेशन का फायदा नहीं मिलेगा। जिन्हें ईडब्ल्यूएस कैटेगरी का फायदा चाहिए, उन्हें भी फॉर्म भरते वक्त उसके विकल्प पर टिक करना होगा। यूनिवर्सिटी छात्रों को फॉर्म में स्पेलिंग की गलतियों से बचने, डीएवीवी के विकल्प का चयन अनिवार्य करने के लिए भी कर रही है। इस बार परीक्षा के लिए उम्मीदवार एक फरवरी तक अप्लाई कर सकते हैं। इस बार भी 75 प्रश्न पूछे जाएंगे, लेकिन समय पिछली बार से 15 मिनट कम मिलेगा। सही जवाब के लिए 4 मार्क्स मिलेंगे। एग्जाम में निगेटिव मार्किंग भी होती है। इसलिए ध्यान रखें कि अगर आप कॉन्फिडेंट नहीं हैं तो जवाब न दें।

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